बरवाडीह. प्रखंड के छिपादोहर स्थित गांधी मैदान में शनिवार को प्रकृति पर्व सरहुल के अवसर पर भव्य सरना सरहुल पूजा महोत्सव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विधायक रामचंद्र सिंह, जिप सदस्य संतोषी शेखर, प्रमुख सुशीला देवी, बीडीओ रेशमा रेखा मिंज, सीओ लवकेश सिंह और एसडीपीओ भरत राम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. महोत्सव के दौरान लात, बरखेता, चुगरू, मोरवाई और सेदुप समेत करीब एक दर्जन समितियों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोक संस्कृति की आकर्षक प्रस्तुति दी. छिपादोहर नगर भ्रमण के दौरान सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष मांदर और ढोल की थाप पर थिरकते नजर आयें, जिससे पूरा क्षेत्र उत्सव के रंग में डूब गया. आयोजन समिति ने सभी आगत अतिथियों को सम्मानित किया. मौके पर विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि सरहुल हमारी समृद्ध आदिवासी विरासत और परंपरा का प्रतीक है. यह पर्व हमें प्रकृति से जोड़ने के साथ-साथ आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश देता है. कार्यक्रम में उप प्रमुख बीरेंद्र जायसवाल, मुखिया बेरोनिका कुजूर, रविंद्र राम और तरुण कुमार समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे. आयोजन शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ. बेमौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
हेरहंज ़ पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा था. बादलों की आवाजाही से लोग असमंजस में थे, पर शुक्रवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली. तेज गर्जन के बीच जोरदार बारिश ने खासकर किसानों की चिंता बढ़ा दी है. देर रात तक रुक रुक कर बारिश होती रही. खेतों में लगे फसलों पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है. अरहर, चना, गेहूं, महुआ जैसी फसल पकने की स्थिति में हैं. ऐसे में बारिश से उनकी गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित हो सकते है. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. किसान जगमोहन साव, महेंद्र प्रसाद, सतेंद्र प्रसाद, बीरेंद्र प्रसाद, विश्वनाथ उरांव, विजय उरांव, रघुनंदन यादव, रामकुमार यादव, विजय शंकर प्रसाद समेत कई किसानों ने कहा कि यदि मौसम का यही हाल रहा तो फसलों को भारी नुकसान होगा. फिलहाल किसान भगवान से राहत की उम्मीद कर रहे हैं.
