मनिका़ प्रखंड में संचालित एकमात्र डिग्री महाविद्यालय आज भी अपनी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है. समस्याओं के समाधान को लेकर झारखंड छात्र मोर्चा (जेसीएम) के नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय सचिव उत्तम कुमार ने प्राचार्य से मुलाकात की. उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज वर्तमान में विश्वविद्यालय के सौतेले व्यवहार का शिकार है. विषयवार शिक्षकों की कमी से विद्यार्थी परेशान : छात्र नेता ने बताया कि महाविद्यालय में पहले से ही शिक्षकों की भारी कमी है, उस पर भी समाजशास्त्र के शिक्षक को सप्ताह में तीन दिन के लिए गढ़वा प्रतिनियुक्त कर दिया गया है. कॉलेज में पिछले चार वर्षों से हिंदी और तीन वर्षों से इतिहास के शिक्षक नहीं हैं. वहीं, स्थापना काल से ही अर्थशास्त्र के शिक्षक का पद खाली है. विज्ञान संकाय की पढ़ाई तो शुरू कर दी गयी है, लेकिन आज तक यहां शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पायी है.
प्रयोगशाला और पुस्तकालय बंद, रील शूटिंग पर रोक लगाने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कॉलेज के पुस्तकालय में रखीं लाखों रुपये की किताबें अलमारी में बंद होकर धूल फांक रही हैं. विज्ञान प्रयोगशाला भी महज एक कमरे में सिमट कर रह गयी है, जिसका विद्यार्थियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा. जेसीएम ने प्राचार्य से कॉलेज परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने, बंद पड़े पुस्तकालय व विज्ञान प्रयोगशाला को चालू करने, स्मार्ट क्लास के लिए इलेक्ट्रिक पैनल की व्यवस्था करने और परिसर में रील शूटिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की. मौके पर झारखंड छात्र मोर्चा पलामू के जिलाध्यक्ष सुमित कुमार पाठक सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे.
