बेतला, लातेहार : झारखंड के लातेहार और पलामू जिले की सीमा पर स्थित उत्तर कोयल जलाशय परियोजना (मंडल डैम) के डूब क्षेत्र में बारिश थमने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हुई है. उत्तरी कोयल नदी के जलस्तर में मामूली कमी जरूर आयी है, लेकिन डैम के जलग्रहण क्षेत्र में अब भी 40 फीट से अधिक पानी जमा है. लगातार बारिश के कारण मंडल डैम तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग और कई रास्ते अवरुद्ध हैं. इससे प्रभावित गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित है.
मोबाइल नेटवर्क ठप, ग्रामीणों से संपर्क मुश्किल
डूब क्षेत्र में मोबाइल और अन्य संचार नेटवर्क पूरी तरह ठप होने से अंदरूनी इलाकों की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है. नेटवर्क नहीं होने के कारण ग्रामीण अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं. वहीं जरूरत पड़ने पर प्रशासन तक मदद की सूचना पहुंचाने में भी परेशानी हो रही है.
मलबे से बाधित है पानी की निकासी
डैम के मुहाने पर बड़ी मात्रा में गाद, कचरा और जंगलों से बहकर आयी लकड़ियां फंसने को जलजमाव का प्रमुख कारण बताया जा रहा है. फिलहाल डैम के आसपास पानी में बड़े पेड़, लकड़ियां और कचरा तैरता दिखाई दे रहा है. मलबा पूरी तरह नहीं हटने के कारण पानी की निकासी प्रभावित है और जलस्तर में अपेक्षित कमी नहीं आ रही है.
बैकवाटर से कई गांव हुए थे प्रभावित
पिछले दिनों मूसलाधार बारिश के बीच मलबा फंसने से डैम का बैकवाटर तेजी से रिहायशी इलाकों की ओर फैल गया था. इससे भजना, कुटकू, चेमो और सनेया सहित डूब क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. कई घरों में पानी घुस गया था.
पानी धीरे-धीरे कम होने के बावजूद संचार व्यवस्था बहाल नहीं होने से पीटीआर प्रबंधन लगातार सतर्कता बरत रहा है.
36 परिवार सुरक्षित स्थान पर
डूब क्षेत्र से प्रभावित करीब 36 परिवारों को मतगड़ी इलाके में बनाये गये टेंटों में रखा गया है. ग्रामीणों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गयी है. प्रशासन और पीटीआर प्रबंधन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
