शहर में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम की पावन रथयात्रा पूरे पारंपरिक हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ निकाली गयी. शहर के ठाकुरबाड़ी (राधाकृष्ण) मंदिर से पूजा-अर्चना और भव्य आरती के बाद गाजे-बाजे के साथ रथयात्रा का शुभारंभ हुआ. राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम और भाजपा नेता राजधानी प्रसाद यादव ने संयुक्त रूप से रथ की पावन रस्सी खींचकर यात्रा की शुरुआत की.
सांसद बैद्यनाथ राम ने कहा कि ऐसी मान्यता है कि इस रथयात्रा में शामिल होने से मनुष्य के सभी संताप दूर होते हैं और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है. भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा, अटूट आस्था और सामाजिक समरसता का अनुपम प्रतीक है. यह पावन पर्व हमें प्रेम, भाईचारे, सेवा और एकता का संदेश देता है. उन्होंने श्रद्धालुओं से समाज में सद्भाव, शांति और मानवता की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया.
विधि-विधान से हुई महापूजा
इससे पहले, पुजारी दिलीप उपाध्याय के सानिध्य में मुख्य यजमान सह मंदिर समिति के संरक्षक योगेश्वर प्रसाद तथा उनकी पत्नी रीना देवी ने विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती संपन्न करायी. इसके बाद भगवान के विग्रहों को रथ पर विराजमान कराया गया. आलोक मोहन स्मृति सेवा संस्थान द्वारा रथ को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था.
भक्ति रस में डूबा रहा शहर
ठाकुरबाड़ी मंदिर से शुरू होकर शोभायात्रा मुख्य सड़क होते हुए थाना चौक, बाईपास चौक, अम्बाकोठी, शहीद चौक, जुबली चौक सहित विभिन्न मुहल्लों से गुजरी. इस दौरान इस्कॉन के स्वयंसेवकों ने हरे कृष्णा-हरे रामा के कीर्तन से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया. हर जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर रथ का भव्य स्वागत किया. देर शाम रथयात्रा धर्मपुर स्थित मौसीबाड़ी पहुंची. मौके पर प्रभात कुमार, विधायक प्रतिनिधि साेनू सिंह, अजय सिंह, विनोद गुप्ता विजय गुप्ता, अंकित पांडेय, बृजेश अग्रवाल, विजय प्रसाद गुप्ता, राजेश अग्रवाल, विशाल कुमार, रंजीत कुमार, दीपक कुमार, अशोक गुप्ता, विपिन कुमार, विनोद लाल, पिंटू कुमार, सुनील कुमार, अमीत कुमार, प्रीतम प्रसाद आदि मौजूद थे.
