लातेहार : व्यवहार न्यायालय परिसर में आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत और एक अक्टूबर से शुरू होने वाले 90 दिवसीय "मध्यस्थता देश के लिए 3.0" अभियान की सफलता को लेकर समीक्षा बैठक हुई. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष शेषनाथ सिंह ने बैठक में लोक अदालत की तैयारियों का जायजा लिया. उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपसी समझौते और शमनीय योग्य मामलों को चिन्हित कर संबंधित पक्षों को समय पर नोटिस तामिला कराया जाये, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन लोक अदालत के माध्यम से हो सके.
त्वरित और सस्ता न्याय दिलाना उद्देश्य
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को त्वरित, सुलभ और सस्ता न्याय उपलब्ध कराना है. उन्होंने बैंक ऋण, बिजली, पानी, आपराधिक शमनीय मामले, वैवाहिक विवाद और राजस्व से जुड़े मामलों का दोनों पक्षों की सहमति से जल्द निपटारा कराने पर जोर दिया. उन्होंने अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन के लिए प्री-कॉन्सिलिएशन सिटिंग की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया. साथ ही लंबित मामलों को कम करने और आम जनता को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर भी चर्चा की गयी.
ये भी पढ़ें: लातेहार में दो बाइकों में जोरदार टक्कर, जुड़वा भाई समेत 3 घायल
मध्यस्थता अभियान के तहत मामलों की होगी सूचीबद्धता
बैठक में बताया गया कि "मध्यस्थता देश के लिए 3.0" अभियान के तहत एक अगस्त से 30 सितंबर तक मामलों को सूचीबद्ध किया जायेगा. इसके बाद एक अक्टूबर से 90 दिवसीय मध्यस्थता अभियान चलाया जायेगा. बैठक में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय सैयद सलीम फातमी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम दिनेश कुमार मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सुनील दत्ता द्विवेदी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय दीपक कुमार, सीजेएम विक्रम आनंद, सिविल जज तृतीय मीनाक्षी मिश्रा, प्राधिकार के सचिव शिवम चौरसिया, अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रणव कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सह प्रभारी न्यायाधीश उत्कर्ष जैन समेत कई अधिकारी उपस्थित थे.
