लातेहार ़ झारखंड हाईकोर्ट की एससीएमएस कमेटी के निर्देश पर पुराने लंबित मुकदमों के त्वरित निष्पादन के लिए न्यायिक सक्रियता बढ़ा दी गयी है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह के मार्गदर्शन में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) विक्रम आनंद ने मुख्यालय डीएसपी और सभी थाना प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर है. टारगेट सूची के मामलों का समय पर होगा निपटारा : सीजेएम विक्रम आनंद ने बताया कि हाईकोर्ट ने पेंडिंग केसेस के लिए एक ””””विशेष टारगेट सूची”””” तैयार की है. उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि इस सूची में शामिल मामलों के आरोपियों की उपस्थिति न्यायालय में हर हाल में सुनिश्चित करायें. वारंट और सम्मन का तामीला अविलंब करने को कहा गया है ताकि गवाही और ट्रायल की प्रक्रिया प्रभावित न हो. आरोपियों की अनुपस्थिति के कारण मुकदमों में हो रही देरी पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जतायी. एफआइआर के 15 दिनों के भीतर देना होगा नोटिस : हाईकोर्ट के गाइडलाइंस का हवाला देते हुए सीजेएम ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि सात साल तक की सजा वाले मामलों में एफआइआर दर्ज होने के 15 दिनों के भीतर आरोपी को नोटिस तामील कराया जाये. उन्होंने थानावार लंबित मामलों की समीक्षा की और पुलिस पदाधिकारियों को निष्पादन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने का भरोसा दिया. मौके पर मुख्यालय डीएसपी संजीव कुमार मिश्रा सहित जिले के सभी थाना प्रभारी उपस्थित थे.
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