चंदवा़ चंदवा वन क्षेत्र अंतर्गत माल्हन, डूमारो और अलौदिया सहित विभिन्न जंगलों में कीमती लकड़ियों की अवैध कटाई और तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही है. तस्करों द्वारा सखुआ समेत अन्य कीमती पेड़ों को मशीनों से काटकर, उनके छोटे टुकड़े कर ट्रक, पिकअप और ट्रेनों के जरिये बाहर भेजा जा रहा है. बुधवार को भी बड़े पैमाने पर जंगलों में पेड़ काटे गये. वहीं, गुरुवार को निंद्रा स्टेशन से ट्रेन के जरिये चिरान लकड़ी पतरातू भेजी गयी. रेलवे स्टेशन पर भी नहीं होती कार्रवाई : ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिदिन ट्रेनों से लकड़ियां ढोई जा रही हैं, लेकिन वन विभाग स्टेशन पर भी कोई कार्रवाई नहीं करता. विभाग की इसी निष्क्रियता के कारण तस्करों के हौसले बुलंद हैं. लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाये जाने से वन विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में है. करीब एक सप्ताह पहले चंदवा पुलिस ने माल्हन के केंदुआटांड़ में सखुआ लदा एक वाहन जब्त कर चालक व तस्कर को गिरफ्तार किया था. इस कार्रवाई के कुछ दिनों के बाद ही तस्कर फिर सक्रिय हो गये. गुरुवार को भी अलौदिया व कामता पंचायत की सीमा पर स्थित कारीटोंगरी जंगल में पेड़ काटने की सूचना मिली है. जांच कर होगी कार्रवाई : इस संबंध में चंदवा वन क्षेत्र के रेंजर नंद कुमार मेहता ने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें अब मिली है. इसकी जांच करा दोषियों पर कार्रवाई होगी. उन्होंने वन रक्षा समिति के सदस्यों से भी अपील की है कि वे जंगलों में ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को दें.
चंदवा के जंगलों से कीमती लकड़ियों की अवैध कटाई व तस्करी जारी
चंदवा के जंगलों से कीमती लकड़ियों की अवैध कटाई व तस्करी जारी
