गड़गोमा में 30 एकड़ वन भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, जांच की मांग

बालूमाथ के गड़गोमा गांव में 30 एकड़ वन भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.

प्रतिनिधि बारियातू : बालूमाथ वन क्षेत्र के अंतर्गत बारियातू प्रखंड के गोनिया पंचायत स्थित गड़गोमा गांव में वन भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि संरक्षित वन भूमि पर लगातार कब्जा किया जा रहा है, पर संबंधित विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा. ग्रामीणों की माने तो बिरहोर पतरा के समीप करीब 30 एकड़ वन भूमि पर जेसीबी मशीन से पेड़ों की कटाई कर भूमि का समतलीकरण किया गया. इसके बाद ट्रैक्टर से जुताई कर जमीन पर कब्जा का प्रयास हो रहा है.

वन भूमि पर कुछ लोगों ने मकान भी बना लिया है. विभाग की उदासीनता के कारण क्षेत्र के जंगल और पूर्व में किए गए प्लांटेशन तेजी से नष्ट हो रहे है. इससे वन संपदा व वन्यजीवों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो रहा है. वर्तमान वनपाल आनंद चौधरी पर भी ग्रामीणों ने आरोप लगाये है. कहा कि वनपाल यहां निर्दोष लोगों पर मामला दर्ज करा रहे है. वे यहां पिछले करीब पांच वर्षों से जमे है. नियमित क्षेत्र भ्रमण, निगरानी व कार्रवाई नहीं होती. ग्रामीणों ने उपायुक्त व वन प्रमंडल पदाधिकारी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने व वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है.

क्या कहते है रेंजर

इस संबंध में रेंजर नंद कुमार मेहता ने कहा कि अतिक्रमण मामले की जानकारी उन्हें नहीं है. अविलंब पूरे मामले की जांच करायी जायेगी. किसी कर्मी की संलिप्तता पर कठोर कार्रवाई होगी.


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