लातेहार ़ वन विभाग द्वारा विभिन्न रेंज में वनरक्षी आवास निर्माण के लिए आवंटित राशि की निकासी में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में पलामू व्याघ्र परियोजना (पीटीआर) के बारेसांढ़ रेंज में वनरक्षी आवास के लिए 49 लाख रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ था. इस राशि से वनरक्षियों के लिए एक दो मंजिला भवन का निर्माण किया जाना था. भवन अधूरा, निकाल गयी पूरी राशि : नियमों को ताक पर रखकर भवन का निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही 31 मार्च 2026 की समय सीमा से पूर्व पूरी राशि निकाल ली गयी. बारेसांढ़ के तत्कालीन रेंजर नंदकुमार मेहता ने आवास निर्माण की सामग्री और मजदूरी मद की इस राशि की निकासी की है. दिलचस्प बात यह है कि राशि की पूर्ण निकासी के बाद श्री मेहता का स्थानांतरण (तबादला) भी हो गया. स्थानांतरण के बाद उन्होंने अपने स्तर से भवन निर्माण कार्य तो प्रारंभ कराया है, लेकिन वह अब तक अधूरा है. सामग्री और मजदूरी के भुगतान पर उठे सवाल : सरकारी खजाने से पूरी राशि पहले ही निकल जाने के बाद भी वर्तमान में निर्माण कार्य चालू रहना गंभीर वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है. राशि निकासी के बाद सामग्री और मजदूरी मद का भुगतान किस प्रकार किया जा रहा है, यह अब बड़ी जांच का विषय बन गया है. इस संबंध में जब तत्कालीन रेंजर नंदकुमार मेहता से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बाहर होने की बात कहकर बाद में बात करने को कहा. क्या कहते हैं अधिकारी : पीटीआर के डीएफओ कुमार आशीष ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है जांच के बाद उचित कार्रवाई की जायेगी. वहीं, पीटीआर के क्षेत्र निदेशक एसआर नटेश ने कहा कि आवास के लिए राशि कब आयी और कब निकाली गयी, इसकी गहन जांच करायी जायेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी राशि का दुरुपयोग करने वाले अधिकारी पर कार्रवाई होगी.
पीटीआर के बारेसांढ़ रेंज में वनरक्षी आवास अधूरा, निकाल ली गयी पूरी राशि
पीटीआर के बारेसांढ़ रेंज में वनरक्षी आवास अधूरा, निकाल ली गयी पूरी राशि
