चंदवा़ खेल स्टेडियम में सकल हिंदू समाज चंदवा के बैनर तले रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में आरएसएस के सामाजिक सद्भाव प्रमुख राकेश लाल मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए. इस मौके पर उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन लाने के लिए एक जागरूक हिंदू भी काफी है. इतिहास में महाराणा प्रताप और रानी लक्ष्मीबाई जैसे कई उदाहरण हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी समाज और राष्ट्र के लिए संघर्ष किया. समाज की एकजुटता पर दिया जोर : राकेश लाल ने कहा कि यदि हिंदू समाज संगठित हो जाये तो हिंदू विरोधी शक्तियां स्वतः परास्त हो जायेंगी. उन्होंने परिवार टूटने और लव जिहाद जैसे मुद्दों पर भी चर्चा करते हुए कहा कि परिवार में बच्चों को धर्म और संस्कार की शिक्षा देना बेहद जरूरी है. यही वह रास्ता है, जिससे आने वाली पीढ़ी को देशभक्ति और समाज सेवा की भावना मिलती है. उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति भी लोगों को जागरूक रहने की अपील की. भैरव सिंह ने भी रखे विचार : कार्यक्रम में हिंदूवादी नेता भैरव सिंह ने कहा कि हिंदू समाज का दुर्भाग्य है कि ऐसे आयोजनों में लोग कम संख्या में जुटते हैं, जबकि अन्य धर्मों के कार्यक्रमों में लोग काफी संख्या में शामिल होते हैं. उन्होंने लोगों से जात-पात से ऊपर उठकर समाज की एकता मजबूत करने और बच्चों को रानी लक्ष्मीबाई तथा फुलो-झानो जैसी वीरांगनाओं की प्रेरणादायक कहानियां सुनाने की अपील की. निकाली गयी भव्य कलश यात्रा : कार्यक्रम से पूर्व बुध बाजार स्थित शिव मंदिर परिसर से भव्य कलश यात्रा निकाली गयी. इसमें काफी संख्या में महिलाएं और युवतियां शामिल हुईं. जय श्रीराम और जय वीर बजरंगबली के जयघोष के साथ श्रद्धालु देवनद पहुंचे और वहां से जल लेकर खेल स्टेडियम पहुंचे. हवन व सामूहिक पाठ का आयोजन : खेल स्टेडियम पहुंचने के बाद आचार्यों के सानिध्य में हवन कार्यक्रम संपन्न हुआ. इसके बाद अतिथियों ने मां भारती की आरती उतारी और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया. पूरे कार्यक्रम के दौरान शहर और स्टेडियम परिसर में भक्ति भाव का माहौल बना रहा. कार्यक्रम में चतरा सांसद कालीचरण सिंह, रमेश प्रसाद, दिनेश प्रसाद, मनीष कुमार उर्फ चांदो, धनेश प्रसाद, दिनेश प्रसाद, बिरेंद्र साहू, अजय प्रसाद साहू, राजेश राम, भाजपा मंडल अध्यक्ष आशिष सिंह, विनय उर्फ रिक्की, संटू कुमार, रमन महतो समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे.
एक अकेला हिंदू भी समाज में परिवर्तन लाने के लिए काफी : राकेश लाल
एक अकेला हिंदू भी समाज में परिवर्तन लाने के लिए काफी : राकेश लाल
