चंदवा़ स्थानीय आर्या होटल परिसर में रविवार को खरवार समाज की तीन प्रमुख केंद्रीय समितियों खरवार आदिवासी एकता मंच, अखिल झारखंड खरवार आदिवासी विकास परिषद और खरवार-भोग्ता समाज विकास समिति की संयुक्त बैठक हुई. कार्यक्रम की अध्यक्षता दर्शन गंझू ने की, जबकि संचालन प्रदीप सिंह और नेतृत्व जिलाध्यक्ष प्रेम गंझू ने किया. बैठक का शुभारंभ वीर शहीद नीलांबर-पीतांबर के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया. बैठक में समाज के इतिहास, पहचान और आगामी जातीय जनगणना में समाज की भूमिका पर चर्चा हुई. केंद्रीय अध्यक्ष दर्शन गंझू और प्रदीप सिंह ने कहा कि खरवार समाज विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग उपनामों से जाना जाता है, जिससे एकरूपता की कमी दिखती है. उन्होंने समाज की आठ उपजातियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया. वक्ताओं ने रेखांकित किया कि झारखंड की 33 जनजातियों में खरवार समाज जनसंख्या के आधार पर चौथे स्थान पर है, अतः संगठित होकर अधिकारों के प्रति जागरूक होना अनिवार्य है. जनगणना को लेकर बनी रणनीति : बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी जनगणना के दौरान जातीय कॉलम में सभी सदस्य खरवार दर्ज करायेंगे. इसके साथ ही पेशा नियमावली और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया गया. मौके पर केंद्रीय अध्यक्ष जानकी सिंह, केदार सिंह, राजदेव सिंह, गजानंद सिंह, अजय गंझू (रामगढ़), विनोद कुमार (हजारीबाग), विनय सिंह (पलामू), गुली सिंह भोग्ता (चतरा), प्रकाश गंझू, मुरारी गंझू, अमृत गंझू समेत लातेहार जिले के सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे.
खरवार समाज की संयुक्त बैठक में सामाजिक एकजुटता पर जोर
खरवार समाज की संयुक्त बैठक में सामाजिक एकजुटता पर जोर
