मो शमीम की रिपोर्ट
बालूमाथ (लातेहार). प्रखंड के झाबर पंचायत अंतर्गत कोमर गांव के कुसीटोला में रविवार की रात नंगे बिजली तार की चपेट में आने से एक वयस्क जंगली हाथी की मौत हो गयी. बताया जा रहा है कि हाथियों के झुंड से परेशान एक ग्रामीण ने अपने घर के आसपास नंगे बिजली तार बिछाये थे. इसी तार में करंट प्रवाहित होने के बाद हाथी उसकी चपेट में आ गया.
एक सप्ताह पहले हाथियों ने घर और फसल को पहुंचाया था नुकसान
ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले हाथियों के झुंड ने इसी गांव में बीफा उरांव के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया था. हाथियों ने घर में रखा अनाज भी खा लिया था. इसके अलावा खेत में लगी फसल को भी नुकसान पहुंचाया था. घटना के बाद बीफा उरांव ने अपने घर की सुरक्षा के लिए आसपास नंगे बिजली तार का जाल बिछा दिया था. रविवार की देर रात गांव में हाथियों के आने की सूचना मिलने पर उसने तार में बिजली का करंट दौड़ा दिया.
15-16 हाथियों के झुंड में आया था मृत हाथी
बताया गया कि करंट प्रवाहित करने के बाद बीफा उरांव खुद घर से दूर कोमर डैम के पास जाकर छिप गया. इसी दौरान करीब 15-16 हाथियों के झुंड में शामिल एक हाथी बिजली के तार की चपेट में आ गया. करंट लगने से हाथी की मौके पर ही मौत हो गयी.
हाथी भगाओ दल ने देखा मृत हाथी
रात में ही गांव में हाथियों के आने की सूचना हाथी भगाओ दल के सदस्यों को मिली. टीम हाथियों को भगाने के लिए मौके पर पहुंची. इसी दौरान टीम के सदस्यों ने एक हाथी को मृत पाया. वन समिति अध्यक्ष सुनील उरांव ने बताया कि हाथियों का झुंड कोमर सहित आसपास के गांवों में लगातार उत्पात मचा रहा है. हाथियों ने कई ग्रामीणों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है. हालांकि, उन्होंने कहा कि घर के आसपास करंट प्रवाहित करने के कारण हाथी की मौत हुई है.
वन विभाग ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. विभाग के अनुसार, मृत हाथी का पोस्टमार्टम कराया जायेगा. साथ ही मामले में दोषी व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. वन विभाग के वनरक्षी कैलाश कुमार ने बताया कि हाथी का पोस्टमार्टम कराया जायेगा और दोषी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी.
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पांच एकड़ सब्जी की फसल बर्बाद
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों के झुंड ने पिछले एक माह के दौरान गांव के लवलेश सिंह की करीब पांच एकड़ में लगी सब्जी की फसल भी बर्बाद कर दी. ग्रामीणों ने फसल क्षति के अनुरूप मुआवजा नहीं मिलने का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के लगातार गांव में आने से लोगों में डर का माहौल है और फसल व घरों को नुकसान होने का खतरा बना रहता है.
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पहले भी हो चुकी है हाथियों की मौत
वन विभाग के अनुसार, वर्ष 2022 में रेन्ची जंगल और वर्ष 2023 में गणेशपुर के बघौता में भी हाथियों की मौत हुई थी. हालांकि, करंट की चपेट में आने से हाथी की मौत की यह पहली घटना बतायी जा रही है.
