फुट ओवर ब्रिज नहीं रहने से, जान जोखिम में डाल पटरी पार कर रहे श्रद्धालु

फुट ओवर ब्रिज नहीं रहने से, जान जोखिम में डाल पटरी पार कर रहे श्रद्धालु

बरवाडीह़ प्रखंड के सुप्रसिद्ध प्राचीन पहाड़ी शिव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे क्रॉसिंग एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. रेलवे लाइन पर फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) नहीं होने के कारण लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पटरी पार करने को मजबूर हैं. मंदिर जाने के लिए अधिकांश लोग रेलवे बाबा चौक के पास से ही शॉर्टकट रास्ता अपनाते हैं, जहां ट्रेनों और मालगाड़ियों का निरंतर आवागमन बना रहता है. ऐसे में यहां हमेशा किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है. दूरी के कारण अंडरपास का प्रयोग कम : हालांकि, रेलवे ने बाबा चौक से कुछ दूरी पर एक अंडरपास का निर्माण कराया है, लेकिन मुख्य मार्ग से अधिक दूरी होने के कारण लोग इसका उपयोग करने से बचते हैं. लोग जल्दी पहुंचने के चक्कर में सीधे रेल पटरी पार करना बेहतर समझते हैं, जिससे अव्यवस्था और असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न होती है. विशेषकर पर्व-त्योहारों के समय, जब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, तब स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. सांसदों से लेकर अधिकारियों तक गुहार बेअसर : एफओबी निर्माण की मांग दशकों पुरानी है. पूर्व सांसद धीरेंद्र अग्रवाल, इंदर सिंह नामधारी, सुनील कुमार सिंह से लेकर वर्तमान सांसद कालीचरण सिंह तक से इसकी गुहार लगायी जा चुकी है. रेलवे के कई महाप्रबंधकों को भी ज्ञापन सौंपे गये, पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से जनहित में जल्द से जल्द फुट ओवर ब्रिज निर्माण की मांग दोहराई है ताकि भविष्य में किसी अनहोनी को रोका जा सके.

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Published by: Shailesh ambashtha

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