बरवाडीह़ छिपादोहर रेलवे स्टेशन के संभावित विस्थापन की खबरों से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. रविवार को छिपादोहर मुख्य बाजार स्थित रामनवमी शेड में ग्राम प्रधान मंदीप सिंह और मुखिया बेरिनिका कुजूर की अध्यक्षता में ग्रामीणों की बैठक हुई. इसमें रेलवे व प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए चेतावनी दी गयी कि स्टेशन हटाने का प्रयास हुआ तो उग्र आंदोलन होगा. जनता की राय के बिना निर्णय का विरोध : बैठक में वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय जनता को विश्वास में लिये बिना जंगली जानवरों की सुरक्षा का हवाला देकर वर्षों पुराने स्टेशन को बंद करने की योजना बनायी जा रही है, जो जन-विरोधी है. छिपादोहर स्टेशन इस इलाके की लाइफलाइन है. इसे हटाने से हजारों लोगों की आवाजाही ठप होगी और व्यापारिक गतिविधियों पर बुरा असर पड़ेगा. ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी पहचान इस स्टेशन को हटने नहीं देंगे. क्या है प्रस्तावित योजना : पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के सघन वन क्षेत्र को सुरक्षित रखने को लेकर वर्तमान स्टेशन को बंद करने का प्रस्ताव है. इसके विकल्प के रूप में बरवाडीह से केड़ होते हुए गुआ बस्ती के पास नयी रेलवे लाइन जोड़ने की योजना है. मौके पर उप मुखिया दीपा देवी, विजय प्रसाद, डॉ सुनील कुमार, मुन्ना गुप्ता, दिलीप सिंह, उमेश राम व तेतर यादव समेत सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे. सभी ने जनहित की रक्षा के लिए संघर्ष का संकल्प लिया.
छिपादोहर रेलवे स्टेशन हटाने की चर्चा से उबाल, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
छिपादोहर रेलवे स्टेशन हटाने की चर्चा से उबाल, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
