Devendra Nath Mahto, लातेहार : लातेहार जिले में सीसीएल की मगध परियोजना क्षेत्र में तीन सगे मासूम बच्चों की पानी में डूबने से हुई दर्दनाक मौत का मामला अब बेहद गरमा गया है. पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और कोलियरी प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पिछले 48 घंटों से मुख्य द्वार पर डटे आंदोलनकारी देवेंद्र नाथ महतो को रविवार की देर शाम पुलिस प्रशासन ने जबरन हिरासत में ले लिया है. इस कार्रवाई के बाद से पूरे बालूमाथ और कोयलांचल क्षेत्र में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है. जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों और समर्थकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है.
अवैध उत्खनन से बने ‘मौत के कुएं’ में डूबे थे 3 मासूम भाई-बहन
गौरतलब है कि यह पूरा मामला स्थानीय निवासी द्वारिका गोंझू के तीन मासूम बच्चों- माही, दीपिका और आर्यन की शुक्रवार को हुई असमय और अत्यंत दर्दनाक मौत से जुड़ा है. आरोप है कि सीसीएल मगध परियोजना क्षेत्र में कोयले के अवैध उत्खनन (Illegal Mining) के कारण जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बरसात का पानी भरने से वे जानलेवा जलाशय का रूप ले चुके हैं. शुक्रवार को खेलते-खेलते तीनों मासूम बच्चे इसी जलाशय की चपेट में आ गए और डूबने से तीनों की मौत हो गई. इस घटना के बाद से ही पूरे लातेहार जिले में शोक की लहर दौड़ गई और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा.
48 घंटे से चक्का जाम कर धरने पर बैठे थे देवेंद्र नाथ महतो
इस दिल दहला देने वाली घटना के तुरंत बाद युवाओं के हक और स्थानीय मुद्दों पर मुखर रहने वाले नेता देवेंद्र नाथ महतो पीड़ित परिवार की ढाल बनकर सामने आए. वे मृतक बच्चों के माता-पिता को उचित सरकारी व कंपनी मुआवजा देने, इस घोर लापरवाही के जिम्मेदार दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग को लेकर अड़ गए. देवेंद्र नाथ महतो पिछले दो दिनों (48 घंटों) से मगध परियोजना के मुख्य द्वार पर टेंट गाड़कर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे. आंदोलनकारियों ने कंपनी के ट्रांसपोर्टेशन (कोयला परिवहन कार्य) को पूरी तरह ठप कर दिया था, जिससे सीसीएल को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा था.
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रविवार शाम 7 बजे पुलिस का एक्शन
मामले को सुलझाने और चक्का जाम हटाने में नाकाम रहने के बाद रविवार की शाम लगभग 07:00 बजे भारी संख्या में पुलिस बल आंदोलन स्थल पर पहुंचा. पुलिस प्रशासन ने बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो को हिरासत में ले लिया और अपने साथ थाने ले गई. जैसे ही देवेंद्र नाथ महतो को पुलिस वैन में बिठाया गया, वहां मौजूद सैकड़ों समर्थकों, महिलाओं और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया. कुछ समय के लिए पुलिस और जनता के बीच तीखी नोकझोंक हुई और पूरे आंदोलन स्थल पर अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल बन गया.
बालूमाथ वासियों का अल्टीमेटम- ‘जल्द रिहा करो’
देवेंद्र नाथ महतो को हिरासत में लिए जाने के बाद बालूमाथ और उसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. ग्रामीणों ने साफ शब्दों में जिला प्रशासन से देवेंद्र नाथ महतो की शीघ्र और सकुशल रिहाई की मांग की है. इसके साथ ही आंदोलनकारियों ने पुलिस और सीसीएल प्रबंधन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि बच्चों की मौत के मुआवजे और देवेंद्र नाथ महतो की रिहाई पर जल्द ही कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो इस आंदोलन को उग्र और व्यापक रूप दिया जाएगा.
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