प्रपत्र-7 को लेकर फिर विवाद, महुआडांड़ के बरटोली में आठ मतदाताओं ने जांच की मांग की

महुआडांड़ के बरटोली गांव में प्रपत्र-7 भरकर मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर विवाद, ग्रामीणों ने एसडीओ से निष्पक्ष जांच की मांग की।

महुआडांड़, लातेहार : प्रखंड के अम्वाटोली पंचायत के बरटोली गांव में मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए इस्तेमाल किये जा रहे प्रपत्र-7 को लेकर विवाद सामने आया है. कई मतदाताओं ने प्रपत्र-7 की प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाते हुए अनुमंडल पदाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

ग्रामीणों का आरोप है कि भाजपा नेता अनिल कुमार सिन्हा द्वारा भाजपा बूथ एजेंट (बीएलए-2) बिमला देवी को प्रपत्र-7 दिया गया था. इसके बाद बिमला देवी ने उक्त प्रपत्र अम्वाटोली पंचायत के बूथ संख्या 302 की बीएलओ इमिल्दा गिद्ध को सौंपा.

प्रपत्र में पहले से नाम दर्ज होने पर उठे सवाल

ग्राम प्रधान जोसेफ कुजूर ने बताया कि कुछ प्रपत्र-7 को देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित मतदाताओं के नाम पहले से ही प्रपत्र में दर्ज थे. इसे लेकर ग्रामीणों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि प्रपत्र में मतदाता का नाम पहले से किस आधार पर दर्ज किया गया और इसे किसने भरा.

ग्रामीणों का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है. इसी को लेकर आठ मतदाताओं ने एसडीओ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

पहले भी सामने आ चुका है विवाद

मुखिया रोशनी खलखो ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र में शनिवार को भी प्रपत्र-7 के माध्यम से मतदाताओं के नाम हटाने को लेकर विवाद सामने आया था. अब अम्वाटोली पंचायत के बरटोली गांव में मामला सामने आने के बाद मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर फिर सवाल उठ रहे हैं.

ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर प्रक्रिया में यदि किसी तरह की अनियमितता हुई है, तो उसे स्पष्ट करने की मांग की है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >