लातेहार से चंद्रप्रकाश सिंह की रिपोर्ट
Latehar News: झारखंड के लातेहार जिले में गैस और राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है. मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में जिले के सभी गैस एजेंसी प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में गैस आपूर्ति व्यवस्था, होम डिलीवरी और उपभोक्ताओं को समय पर सेवा उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. उपायुक्त ने बैठक में मौजूद सभी गैस एजेंसी संचालकों और प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए और वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
अनियमितता पर होगी कड़ी कार्रवाई
बैठक के दौरान उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा कि गैस वितरण में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है. यदि किसी एजेंसी के खिलाफ अनियमितता, कालाबाजारी या उपभोक्ताओं की शिकायत मिलती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने विशेष रूप से गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी व्यवस्था की समीक्षा की. उपायुक्त ने कहा कि उपभोक्ताओं को घर तक सिलेंडर पहुंचाने की सुविधा पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से दी जानी चाहिए. किसी भी उपभोक्ता से अतिरिक्त राशि वसूलने या वितरण में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर प्रशासन तुरंत कार्रवाई करेगा. उपायुक्त ने सभी एजेंसियों को सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने का निर्देश दिया, ताकि आम लोगों को बेहतर सेवा मिल सके.
लंबित आपूर्ति और डिस्ट्रीब्यूशन पर चर्चा
बैठक में गैस सिलेंडर की लंबित आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गई. कई इलाकों में समय पर सिलेंडर नहीं पहुंचने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने एजेंसी प्रतिनिधियों से जवाब तलब किया. उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में भी गैस आपूर्ति सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाए. किसी भी क्षेत्र में कृत्रिम संकट या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्रशासन ने एजेंसियों को यह भी निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए.
राशन वितरण योजनाओं की भी हुई समीक्षा
गैस एजेंसियों की बैठक के साथ-साथ उपायुक्त ने आपूर्ति विभाग की योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की. इस दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन उठाव और वितरण की स्थिति पर चर्चा हुई. इसके अलावा झारखंड खाद्य सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री दाल-भात योजना, चना दाल वितरण योजना और लाभुकों के ई-केवाईसी कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई. बैठक में पीजीएमएस शिकायतों और सुसुप्त राशन कार्ड से जुड़े मामलों पर भी विचार-विमर्श हुआ. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पात्र लाभुकों को समय पर राशन और योजनाओं का लाभ मिले. उन्होंने कहा कि किसी भी गरीब परिवार को योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए.
अधिकारियों को जवाबदेही तय करने का निर्देश
उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा कि योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों जरूरी हैं. यदि राशन वितरण में गड़बड़ी, लाभुकों को कम राशन देने या फर्जीवाड़े की शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारियों और जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों और जनसेवकों को क्षेत्र स्तर पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया. साथ ही लाभुकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने पर जोर दिया.
इसे भी पढ़ें: किसानों की समस्याओं पर भाजपा का हल्लाबोल, मेराल और धुरकी ब्लॉक में उग्र प्रदर्शन
बैठक में मौजूद रहे कई अधिकारी
बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्रवण राम, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. चंदन सहित जिले के सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, जनसेवक और गैस एजेंसी प्रतिनिधि उपस्थित थे. प्रशासन की इस सख्ती के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जिले में गैस और राशन वितरण व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी हो सकेगी.
इसे भी पढ़ें: चतरा के प्रतापपुर में दहेज के लिए विवाहिता के साथ मारपीट का आरोप, थाने में शिकायत दर्ज
