शहर में झूलते बिजली के तार बढ़ा रहे खतरा, लो-वोल्टेज से लोग त्रस्त

शहर में झूलते बिजली के तार बढ़ा रहे खतरा, लो-वोल्टेज से लोग त्रस्त

लातेहार ़ सरकारी फाइलों की रफ्तार और बिजली की चाल में कौन ज्यादा सुस्त है, यह देखना हो तो लातेहार जिला मुख्यालय का रुख कर लीजिये. यहां की जनता पिछले दो महीनों से सड़क पर झूलते मौत के लाइव तारों को सलाम ठोक कर गुजरने को मजबूर हैं. स्टेशन रोड के बैगा टोली में तार इतने नीचे आ चुके हैं कि रास्ता कम, शारीरिक चुनौतियां ज्यादा नजर आती है. हद तो चांदनी चौक पर हो गयी है, जहां के करीब 100 घर बीते एक साल से डिजिटल इंडिया के दौर में लालटेन युग का अहसास कर रहे हैं. दो फेज तार शॉट हैं, और मुहल्ला महज एक फेज के सहारे लो-वोल्टेज की मार झेल रहा है. लिखित शिकायतें विभाग की रद्दी की टोकरी की शोभा बढ़ा रही हैं. विभाग की लचर हालत : विभाग की लचर हालत देखनी हो तो जुबली चौक की पवन रेस्ट हाउस वाली गली में जाइये. यहां 440 वोल्ट का हाइटेंशन तार एक साल से झूल रहा है. दशहरा बीता, शांति समिति की बैठकें हुईं, बड़े-बड़े वादे हुए, पर तार टस से मस नहीं हुआ. इधर, डरूआ क्षेत्र के लोगों ने जब नगर पंचायत उपाध्यक्ष संतोष रंजन को घेरा, तो उन्होंने 10 दिन पहले खुद मौके पर जाकर ऑन द स्पॉट निरीक्षण किया. बिजली अधिकारियों को फोन कर निर्देश दिये, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात. अब बेबस लातेहारवासी उपायुक्त संदीप कुमार और बिजली विभाग के सोये हुए आला अफसरों से गुहार लगा रहे हैं कि हुजूर, किसी बड़े हादसे का इंतजार छोड़िये और तारों को कसिये.

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