जिले में जीरा फूल धान की खेती को मिलेगा बढ़ावा

जिले के महुआडांड़ प्रखंड में जीरा फूल धान की खेती पारंपरिक रूप से की जाती है.

लातेहार. जिले के महुआडांड़ प्रखंड में जीरा फूल धान की खेती पारंपरिक रूप से की जाती है. यह अपने मनमोहक सुगंध और स्वाद के लिए जानी जाती है. जिले में जीरा फूल धान की खेती में बड़े पैमाने पर वृद्धि हुई है. उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने जीरा फूल धान की खेती को बढ़ाने के लिए पहल शुरू की है. उपायुक्त के निर्देश पर जीराफूल धान की खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रशासनिक सहयोग के साथ उत्पादन किये जाने के लिए प्रस्तावित किया गया है. इस वर्ष पायलट प्रोजेक्ट के तहत 1500 एकड़ में जीरा फूल धान की खेती प्रस्तावित है. कृषकों के साथ जेएसएलपीएस एवं कृषि विभाग द्वारा समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है. जीरा फूल की खेती मुख्यत: महुआडांड़ प्रखंंड के किसान पारंपरिक तरीके से करते हैं. महुआडाड़ प्रखंंड परिसर में जीरा फूल धान की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जायेगी. इससे किसानों को अतिरिक्त आय अर्जित करने में भी मदद मिलेगी. इससे महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा. साथ ही मार्केटिंग एवं ब्रांडिग का सहयोग भी जिला प्रशासन की ओर से मिलेगा. यह महिला एफपीसी के जरिये ही संपूर्ण रूप से संचालित होगा. इससे महुआडांड़ की महिलाओं की आय में वृद्धि होगी. महुआडांड़ प्रखंंड में 06 से 12 जून तक पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 03:00 बजे तक पंचायतवार शिविर के माध्यम से किसानों जो जीराफूल धान की खेती की जानकारी दी जायेगी. वहीं उन्हें रियायत दर पर धान दिये जायेंगे. जिला प्रशासन ने वैसे किसान, जिनके पास जीरा फूल धान की बीज संग्रहित है, उनसे संबंधित पंचायत परिसर में आने और बीज एफपीओ को उपलब्ध कराने एवं उपायुक्त के इस पायलट योजना के साथ जुड़ने की अपील की है.

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Published by: Anuj singh

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