लातेहार ़ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के तहत झारखंड की सभी प्रमुख नदियों से बालू के खनन, उठाव और परिवहन पर 10 जून से 15 अक्तूबर तक के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. माॅनसून के दौरान पर्यावरण संतुलन, जलीय जीवों की सुरक्षा और नदियों के स्वाभाविक प्रवाह को बनाये रखने के लिए यह वार्षिक रोक लगायी गयी है. अंतिम दिन बालू उठाने की मची होड़ : प्रतिबंध लागू होने से ठीक पहले, 9 जून को कोयल और औरंगा जैसी प्रमुख नदियों के घाटों पर सुबह से देर शाम तक ट्रैक्टरों की भारी कतारें देखी गयीं. संवेदकों और चालकों ने अंतिम समय तक भारी मात्रा में बालू का उठाव किया. खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन चार महीनों के दौरान किसी भी वैध चालान के माध्यम से भी बालू ले जाने की अनुमति नहीं होगी. निगरानी के लिए बनी संयुक्त टीम : अवैध खनन, भंडारण और ढुलाई रोकने के लिए जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गयीं हैं. ये टीमें विभिन्न क्षेत्रों में सघन निगरानी और छापेमारी अभियान चलायेगी. आदेश का उल्लंघन करने वाले वाहनों को तुरंत जब्त कर दोषियों के खिलाफ कड़ी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.
आज से नदियों से बालू खनन पर पूर्ण प्रतिबंध
आज से नदियों से बालू खनन पर पूर्ण प्रतिबंध
