केंद्र सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ लातेहार में 20 को बंद रहेगी दवा दुकानें

Latehar News: केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में 20 मई को देशभर में दवा दुकानें बंद रहेंगी. लातेहार के केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने बैठक कर बंद को सफल बनाने का आह्वान किया. संगठन ने कॉरपोरेट कंपनियों के बढ़ते प्रभाव और छोटे दवा दुकानदारों पर बढ़ते संकट को लेकर चिंता जताई. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

लातेहार से चंद्रप्रकाश सिंह की रिपोर्ट

Latehar News: ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) मुंबई के आह्वान पर आगामी 20 मई को देशभर में दवा दुकानें बंद रहेंगी. इसी को लेकर लातेहार जिला केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन की जिला कमिटी की बैठक आयोजित की गई. बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन को सफल बनाने और दवा दुकानों को बंद रखने पर चर्चा की गई.

जिला कमेटी की बैठक में बनी रणनीति

लातेहार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष विनोद बिहारी गुप्ता ने की. बैठक में जिले के कई दवा व्यवसायी शामिल हुए. इस दौरान 20 मई को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बंद को लेकर रणनीति तैयार की गई और सभी दुकानदारों से एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन करने की अपील की गई. बैठक में कहा गया कि यह बंद केवल व्यापारिक हितों के लिए नहीं, बल्कि छोटे और मध्यम स्तर के दवा व्यवसायियों के अस्तित्व को बचाने के लिए किया जा रहा है. संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि समय रहते सरकार ने नीतियों में सुधार नहीं किया तो छोटे दवा दुकानदारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा.

केंद्र सरकार की नीतियों पर जताई नाराजगी

जिला अध्यक्ष विनोद बिहारी गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में दवा व्यवसाय काफी कठिन दौर से गुजर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण इस व्यवसाय से जुड़े करीब पांच करोड़ लोग प्रभावित हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि दवा व्यापार को धीरे-धीरे बड़े कॉरपोरेट घरानों के हाथों सौंपा जा रहा है. इससे छोटे दवा दुकानदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है. बड़े पूंजीपति और बड़ी कंपनियां बाजार पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं, जिससे छोटे दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है.

छोटे दुकानदारों के सामने बढ़ा संकट

बैठक में मौजूद व्यवसायियों ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री और बड़ी कंपनियों की बढ़ती दखलअंदाजी के कारण स्थानीय मेडिकल दुकानों का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है. छोटे दुकानदारों के लिए बाजार में टिके रहना कठिन हो रहा है. व्यवसायियों का कहना है कि दवा व्यापार केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि लोगों की सेवा से भी जुड़ा हुआ है. ऐसे में यदि छोटे मेडिकल स्टोर बंद होने लगे तो ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को दवाइयां मिलने में परेशानी हो सकती है.

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आंदोलन को सफल बनाने की अपील

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने जिले के सभी दवा दुकानदारों से 20 मई के बंद को सफल बनाने की अपील की. संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन दवा व्यवसायियों के अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा के लिए जरूरी है. बैठक में रमेश कुमार गुप्ता, दिलीप कुमार, बीरेंद्र यादव, संजय कुमार गुप्ता, मो. सईद, संजय प्रसाद, सुरेश कुमार और अनूप कुमार समेत कई सदस्य उपस्थित थे. सभी ने एकजुट होकर आंदोलन को समर्थन देने की बात कही.

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लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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