देश का पहला एलीफेंट बिहेवियर रिसर्च सेंटर बेतला में, एआइ से होगी हाथियों के मूड की मैपिंग

देश का पहला एलीफेंट बिहेवियर रिसर्च सेंटर बेतला में, एआइ से होगी हाथियों के मूड की मैपिंग

बेतला़ पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के बेतला नेशनल पार्क में अब हाथियों की चिंघाड़ सिर्फ पर्यटकों के रोमांच के लिए नहीं, बल्कि गहन वैज्ञानिक शोध के लिए गूंजेगी. पार्क में हाथी की सवारी बंद होने के बाद पीटीआर प्रबंधन ने इन पालतू हाथियों को एक बड़ी और नयी जिम्मेदारी देने की तैयारी की है. ऐतिहासिक पलामू किला और कमलदह झील के समीप 20 एकड़ भूमि पर देश का पहला महत्वाकांक्षी एलीफेंट रिसर्च सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होगा व्यवहार का अध्ययन : यह केंद्र देश में अपनी तरह का अनूठा संस्थान होगा, जहां आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) की मदद से हाथियों के व्यवहार का 360 डिग्री वैज्ञानिक विश्लेषण किया जायेगा. एआइ के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों, उनके संघर्ष के कारणों, आवाज, संवाद के तरीकों, खतरे की सूचना और उनके मूड का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जायेगा. इसके अलावा, मौसम के बदलाव (गर्मी, बारिश और ठंड) का उनके मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का डेटा भी जुटाया जायेगा. यह डेटा भविष्य में मानव-हाथी द्वंद्व को रोकने में मील का पत्थर साबित हो सकता है. रिसर्च का हिस्सा बनेंगे जुही, सीता, मुर्गेश और राखी : शुरुआत में इस परियोजना को केवल हाथियों के बेहतर रखरखाव के लिए सोचा गया था, लेकिन अब इसे एक पूर्ण शोध केंद्र का रूप दे दिया गया है. बेतला के चार पालतू हाथी जुही, सीता, मुर्गेश और राखी इस केंद्र के पहले सदस्य होंगे. विशेषज्ञों की टीम चौबीसों घंटे इनकी गतिविधियों पर नजर रखेगी. कर्नाटक से मंगवाये गये हाथियों का रहा है इतिहास : पीटीआर में हाथियों का इतिहास दिलचस्प रहा है. पूर्व में विभाग ने कर्नाटक से तीन हाथी मंगवाये थे, लेकिन एक दुखद घटना में जंगली हाथी के हमले में काल भैरव नामक हाथी की मौत हो गयी थी. इसके बाद हाथियों को सुरक्षा के मद्देनजर टूरिस्ट लॉज के पास शिफ्ट किया गया था. अब एक बार फिर इन्हें पुराने क्षेत्र में रिसर्च सेंटर के माध्यम से सुरक्षित ढंग से बसाने की योजना है.

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SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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