लातेहार : बनहरदी कोल परियोजना में रैयतों और प्रबंधन के बीच गतिरोध बरकरार, 29 अगस्त को होगी ग्राम सभा

चंदवा की बनहरदी कोल परियोजना को लेकर 29 अगस्त को ग्राम सभा आयोजित होगी। रैयतों ने अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रशासन को सौंपा ज्ञापन।

चंदवा(लातेहार). बनहरदी कोल परियोजना में रैयतों और प्रबंधन के बीच जारी गतिरोध अब तक समाप्त नहीं हुआ है. इसी बीच परियोजना क्षेत्र में 29 अगस्त को ग्राम सभा आयोजित की जायेगी. ग्राम सभा को लेकर पांच पड़हा बनहरदी ने रैयतों के अधिकारों के संरक्षण की मांग उठायी है. इसे लेकर पांच पड़हा की ओर से चंदवा अंचल अधिकारी को आवेदन सौंपा गया है.

वन और गैरमजरूआ भूमि को लेकर ग्राम सभा

आवेदन में कहा गया है कि अपर समाहर्ता के पत्र के आलोक में 29 अगस्त को कोल परियोजना क्षेत्र में ग्राम सभा आयोजित की जानी है. इसमें अधिसूचित वन भूमि, गैरमजरूआ भूमि और जंगल-झाड़ी भूमि से संबंधित मामलों पर वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने को लेकर चर्चा की जायेगी.

अधिकारों के संरक्षण की मांग

पांच पड़हा बनहरदी ने ग्राम सभा को लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुए पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में रैयतों के अधिकारों के संरक्षण की मांग की है. आवेदन में संबंधित अधिकारियों से रैयतों के पारंपरिक और कानूनी अधिकारों को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया करने की मांग की गयी है.

अधिकारियों को भी भेजी प्रतिलिपि

पांच पड़हा की ओर से दिये गये आवेदन की प्रतिलिपि डाक के माध्यम से राज्यपाल, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष, सचिव, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव, झारखंड सरकार के मुख्य सचिव, लातेहार उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गयी है.

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पहले भी हो चुकी है ग्राम सभा

बताया गया कि बनहरदी कोल परियोजना के लिए एफआरए यानी वन अधिकार अधिनियम की मंजूरी को लेकर पूर्व में भी परियोजना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में कई बार ग्राम सभाएं आयोजित की जा चुकी हैं. हालांकि, कुछ गांवों में रैयतों के बीच अब तक सहमति नहीं बन पायी है.

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भूमि और वन अधिकारों को लेकर बना हुआ है गतिरोध

रैयतों के बीच सहमति नहीं बनने के कारण परियोजना से जुड़े भूमि और वन अधिकारों के मामलों में लगातार गतिरोध बना हुआ है. ऐसे में 29 अगस्त को होने वाली ग्राम सभा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. रैयतों की ओर से अपने अधिकारों के संरक्षण को लेकर लगातार आवाज उठायी जा रही है.


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By Sumit kumar

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