बीमार बेटे को जंजीरों से बांध कर रखने को मजबूर हैं वृद्ध माता-पिता, प्रशासन से लगायी इलाज के लिए गुहार

बेटे के इलाज के लिये उनके पास पैसे नहीं है. हाथ-पैर नहीं बांधने पर वह जिस गांव में जाता है, वहां मारपीट करता है, इसलिये उसे बांधकर रखते हैं.

झारखंड राज्य के 23वें स्थापना दिवस के दिन प्रखंड के कामता पंचायत अंतर्गत चटुआग गांव से झकझोरने वाली तस्वीर सामने आयी है. यहां एक परिवार ने मजबूरीवश अपने घर के सदस्य को जंजीरों से जकड़ रखा है. चटुआग गांव के बिजेंद्र गंझू (उम्र 25 वर्ष) पिता मकुन गंझू मानसिक रूप से बीमार है. स्थापना दिवस के दिन कामता पंचायत समिति सदस्य अयूब खान इस पीड़ित परिवार से मिले.

श्री खान ने बताया कि बूढ़े मां-बाप ने अपने कलेजे के टुकड़े को हथकड़ीनुमा जंजीराें में बांधकर रखा है. युवक के माता-पिता ने बताया कि वे काफी गरीब हैं. बेटे के इलाज के लिये उनके पास पैसे नहीं है. हाथ-पैर नहीं बांधने पर वह जिस गांव में जाता है, वहां मारपीट करता है, इसलिये उसे बांधकर रखते हैं.

वाहन चलाकर करता था जीविकोपार्जन

बिजेंद्र की मां कमली देवी व पड़ोसी नेमा गंझू ने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व बिजेंद्र एकदम ठीक था. बाहर रहकर भारी वाहन चलाकर पैसे भेजता था, जिससे घर चलता था. विवाह के लिये उसे घर बुलाया. घर आने के बाद वह यहां मानसिक रूप से बीमार हो गया. इधर-उधर पैसे जुगाड़ कर उसका काफी इलाज कराया, पर कोई लाभ नहीं हुआ. लकड़ी बेचकर किसी प्रकार घर चलते हैं. बूढ़े मां-बाप ही उसकी देखभाल करते हैं. श्री खान ने कहा कि अब तक परिवार को कोई सहायता नहीं मिल पायी है. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग व उपायुक्त से बिजेंद्र के लिए चिकित्सीय सुविधा व राशि उपलब्ध कराने की मांग की है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >