गुरुवार की रात उग्रवादियों ने किया था अपहरण
मनिका : थाना से महज दो सौ मीटर की दूरी पर बाजार चौक से शुक्रवार की शाम छात्र अमित कुमार का अपहरण हो गया था. इसके विरोध में ग्रामीणों व अमित के परिजनों ने एनएच 75 को जाम कर दिया. ग्रामीण अमित की कुशल वापसी व थानेदार पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे.
लातेहार से आये पुलिस इंस्पेक्टर कमलेश्वर पांडेय ने जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन जामकर्ता अमित की रिहाई होनेे तक की बात पर अड़े थे. ग्रामीणों ने पुलिस की लापरवाही से अपहरण की घटना का आरोप लगाया तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. महिलाओं ने जाम स्थल पर आये पुलिस बल पर चूड़ियां फेंक कर घर में दुबके रहने की बात कही. ग्रामीणों ने कहा कि जब थाना के नजदीक से लोगों का दिनदहाड़े अपहरण हो रहा है, तो पुलिस क्या कर रही है.
ग्रामीणों व पुलिस की पहल से 16 घंटे बाद शनिवार को लगभग सुबह दस बजे सतबरवा थाना क्षेत्र के कठौतिया डैम के पास से अमित को बरामद किया गया. मनिका थाना पुलिस ने उसे मनिका लायी. अमित की वापसी होने पर चार घंटे बाद जाम को हटाया गया. जाम शनिवार की सुबह छह बजे से दस बजे तक रहा.
मनिका थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी खां के अनुसार जेजेएमपी के उग्रवादियों ने अपहरण की घटना को अंजाम दिया है. अपहरण के बाद अमित की लाठी–डंडे से जम कर पिटाई की गयी है, जिससे उसके शरीर पर गंभीर चोटंे आयी है.
अमित को मनिका लाने के बाद इलाज के लिए लातेहार सदर अस्पताल में भरती कराया गया. जहां पुलिस की देख रेख में इलाज चल रहा है. अमित प्लस टू उच्च विद्यालय मनिका में इंटर का छात्र है.
प्राथमिकी दर्ज की जायेगी : थाना प्रभारी
घटना के संबंध में थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी खां ने बताया कि अमित के परिजन फिलहाल इलाज के लिये गये हैं. उनके आने के बाद इस संबंध में प्राथमिकि दर्ज की जायेगी. थाना प्रभारी ने कहा कि फिलहाल अमित का इलाज पुलिस की देख रेख में हो रहा है. जरूरत पड़ने पर उसे बेहतर इलाज के लिए बाहर भी भेजा जायेगा.
परिजनों का था बुरा हाल
अपहरण की घटना के बाद से अमित के परिजनों का रो –रो कर बुरा हाल था. अमित की मां भी घर में नहीं थी. दिल्ली में उनका इलाज चल रहा है. दादा अम्बिका साव, पिता संजय प्रसाद, चाचा कृष्णा प्रसाद समेत कई स्थानीय ग्रामीण शुक्रवार को रात भर अमित की वापसी के लिए परेशान रहे.
