बालूमाथ में मरीजों को होती है भारी परेशानी
निजी एंबुलेंस व वाहन मरीजों से वसूलते हैं मनमाना किराया
बालूमाथ : बालूमाथ प्रखंड के तहत 27 पंचायत के 174 गांव की जनसंख्या करीब दो लाख है, लेकिन प्रखंड में एक भी एंबुलेंस नहीं है. इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. मरीजों को रिम्स या कहीं और ले जाने के लिए निजी एंबुलेंस या वाहनों का सहारा लेना पड़ा है. मरीजों से मनमाना किराया वसूला जाता है.
बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रत्येक दिन 200 से 300 मरीजों का इलाज किया जाता है. इसमें से एक-दो मरिजों को बेहतर इलाज के लिए रिम्स या कहीं और रेफर किया जाता है.
वहीं आम्रपाली व तेतरियाखाड़ में कोयला ढुलाई करने वाले वाहनों से सप्ताह में दो-तीन सड़क दुर्घटना होती है. उन्हें भी जरूरत पड़ने पर रिम्स ले जाना पड़ता है. लेकिन इसकी कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण प्राइवेट एंबुलेंस व अन्य वाहनों का सहारा लिया जाता है.
इसके बदले में मरीजों से मनमानी रकम वसूली जाती है. पूर्व विधायक बालजीत राम ने अपने कार्यकाल में लगभग 20 साल पहले अपने कोटे से एक एंबुलेंस महैया करायी थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण 10 साल पहले ही एंबुलेंस खराब होकर कबाड़ हो गयी. इस समय पर किसी भी जनप्रतिनिधि या प्रशासन का ध्यान नहीं है.
