चंदवा में एनएच 99 व 75 पर आये दिन होती हैं दुर्घटनाएं
सुमित कुमार
चंदवा : चंदवा प्रखंड में एनएच 99 व 75 पर इस वर्ष अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है. औसतन दो दिन में एक की मौत हुई है. यातायात नियमों की अनदेखी व शराब पीकर गाड़ी चलाना हादसों का प्रमुख कारण है. अधिकतर दुर्घटनाओं में चालक द्वारा शराब पीने की बात सामने आयी है.
चंदवा एक्सीडेंटल जोन बन गया है. एनएच 99 व 75 पर एक जनवरी से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें पहली जनवरी को रिचुघुटा निवासी दिलीप राय की मौत देवनद के समीप बाइक दुर्घटना में हुई थी. तीन जनवरी को 27 नंबर पुल पर ट्रेन में चढ़ने के क्रम में बानो सिमडेगा निवासी मो आकिब की मौत हुई. सिकनी गांव के समीप नौ जनवरी को होलंग गांव निवासी मो रइस की मौत ट्रक की चपेट में आने से हो गयी थी. इसके अलावा दस जनवरी को बाइक सवार विजय उरांव की मौत एनएच 99 स्थित दमादोर स्कूल के समीप हो गयी थी.
पांच जनवरी को ब्रह्मणी गांव के समीप एक ऑटो ने एटे गांव निवासी समुद्री देवी को टक्कर मार दी थी. इसमें समुद्री की मौत हो गयी थी. 12 जनवरी को कुडू जामून टोली निवासी रामकिशुन उरांव की मौत अमझरीया घाटी में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से हो गयी थी. इसके बाद 18 जनवरी को बोदा घाटी में साइकिल सवार हुटाप गांव के हक्का-तुरवा निवासी छात्र रोहित उरांव की मौत वाहन की चपेट में आने से हो गयी थी. 21 जनवरी को मनातू कांसीटाड निवासी विनोद लोहरा की मौत ट्रक की चपेट में आने से एनएच 75 पर हो गयी थी.
स्कार्पियो व ट्रक की टक्कर में गयी थी आठ की जान
इसके बाद 31 जनवरी की रात चंदवा थाना क्षेत्र के सिसकरीया मोड़ में स्कार्पियो व ट्रक की टक्कर में आठ लोगों की मौत ने सबकों को झकझोर कर रख दिया है. चार फरवरी को सिकनी गांव में बाइक व बस की टक्कर में बबलू गंझू की मौत हो गयी. 30 जनवरी को एनएच 75 स्थित वन शक्ति मंदिर के पास एक सवारी गाड़ी पलट गयी थी. इसी रात अमझरिया घाटी में यात्रियों से भरी थाई नामक यात्री बस पलट गयी थी. इन दोनों घटना में करीब दो दर्जन लोग घायल हुए थे.
पुलिस निरीक्षक कमलेश्वर पांडेय ने कहा कि थाना क्षेत्र में लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन भी परेशान है. लगातार दुर्घटना के बाद भी आमजन नहीं समझ रहे. उन्होंने कहा कि दुर्घटना की सबसे बड़ी वजह शराब है. साथ ही यातायात नियमों की अनदेखी है. पुलिस इस दिशा में कड़ाई से कार्य कर रही है.
बार-बार की जा रही ट्रामा सेंटर की मांग
प्रखंड में दो एनएच गुजरने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सड़क दुर्घटना के केस ज्यादा आते हैं. ऐसे में सीएचसी को सुविधा संपन्न होनी चाहिए. कई बाद दुर्घटना के बाद एंबुलेंस जैसी व्यवस्था भी दूसरे प्रखंड से मांगनी पड़नी है. बार-बार चंदवा वासी सीएचसी में ट्रामा सेंटर की सुविधा बहाल करने की मांग कर रहे है ताकि घायलों को तत्काल उचित चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध हो जाये. कई बार रिम्स जाते-जाते घायल मर जाते हैं. यहां चिकित्सक के पद भी रिक्त पड़े है. दुर्घटना के बाद अस्पताल में हाहाकार मच जाता है.
