आशीष टैगोर
लातेहार : अगर यह कहा जाये कि कुदरत का नजारा देखना है तो लातेहार आइये, गलत नहीं होगा. हरी भरी वादियां, पर्वत के बीच से कल-कल बहती नदियां तथा जंगलों में महुआ एवं पलास की खुशबू यह छोटा सा एक परिचय है लातेहार जिला का. यहां की नयनाविराम छटा लोगों को अपनी ओर बरबस आकर्षित करती है. जिले में नेतरहाट एवं बेतला जैसे पर्यटन स्थल राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल हैं. वहीं लातेहार शहर के पूरब में स्थित तपा की पहाड़ी एवं उसके नीचे बहता झरिया डैम भी नये साल में शहरवासियों के तफरीह का एक मुरीद स्थल है.
रांची की ओर से लातेहार में प्रवेश करते ही मानो प्रतीत होता है कि तपा की पहाड़ी अपनी दोनों बाहें फैलाये सैलानियों का स्वागत करने के लिए तैयार खड़ी है. वहीं झरिया डैम के किनारों पर बैठ कर तपा पहाड़ियों की चोटियों को निहारना मन को सुकून देता है. नये साल के स्वागत के लिए आप तपा पहाड़ी में मस्ती कर कर सकते हैं. यहां की खूबसूरती के आप मुरीद हो जायेंगे.
एनएच 75 पर है तपा की पहाड़ी : तपा की पहाड़ी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एनएच 75 पर रांची-मेदिनीनगर मुख्य मार्ग पर अवस्थित है. मुख्य मार्ग से महज 100 मीटर की दूरी पर झरिया का डैम है और डैम के उस पार तपा की पहाड़ी है.
कैसे पहुंचे
तपा की पहाड़ी व झरिया डैम पहुंचने का सबसे सुलभ सड़क मार्ग है. रांची से मेदिनीनगर मार्ग पर प्रति 10-15 मिनट पर यात्री बसें चलती हैं. मेदिनीनगर से रेल मार्ग से भी आया जा सकता है, लेकिन रांची से रेल मार्ग से आना थोड़ा परेशानियों वाला है. हालांकि रांची या मेदिनीनगर से यहां एक दिन में सैर सपाटा कर वापस लौटा जा सकता है. वैसे शहर में रुकने के लिए कई होटल व रेस्ट हाउस भी उपलब्ध है.
कई होटल व ढाबे हैं
तपा पहाड़ के नीचे कई होटल व ढाबे हैं. यहां नास्ते व खाने की पूरी व्यवस्था है. अगर आप वन भोज नहीं कर रहे हैं तो पहाड़ी का सैर कर होटल व ढाबों में भी खाना खा सकते हैं.
