निर्माणाधीन कंट्रोल रूम से 10 बाल श्रमिक मुक्त, ठेकेदार पर केस

निर्माणाधीन कंट्रोल रूम से 10 बाल श्रमिक मुक्त, ठेकेदार पर केस

लातेहार ़ राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग और उपायुक्त के निर्देश पर जिला मुख्यालय में निर्माणाधीन कंट्रोल रूम में छापेमारी कर 10 बालिका श्रमिकों को मुक्त कराया गया है. बाल श्रम अधिनियम 1986 के तहत चलाये गये इस विशेष अभियान के बाद पूरे शहर के संवेदकों में हड़कंप मच गया है. थाना में प्राथमिकी दर्ज : यह निर्माण कार्य एसए कंस्ट्रक्शन (रांची) और पेटी ठेकेदार सनाउल अंसारी (तरवाडीह, लातेहार) द्वारा कराया जा रहा था. श्रम विभाग ने नियमों के उल्लंघन के आरोप में उक्त दोनों के विरुद्ध सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है. विमुक्त करायी गयी सभी बालिकाएं लोहरदगा जिले की रहने वाली बतायी गयी हैं. सीडब्ल्यूसी के माध्यम से परिजनों को सौंपा : रेस्क्यू के बाद श्रम विभाग ने सभी बालिकाओं को लातेहार बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सौंप दिया. यहां से कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें लोहरदगा सीडब्ल्यूसी भेजा गया, जहां से उन्हें उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया. जांच टीम में शामिल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम के खिलाफ यह अभियान जिले में निरंतर जारी रहेगा. जांच टीम में ये थे शामिल : इस छापेमारी दल में श्रम अधीक्षक दिनेश भगत, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुमित कुमार, श्रम कार्यालय के रंजीत कुमार, विजय सिंह व शिवम शामिल थे. इसके अलावा बाल कल्याण समिति की आशा तिग्गा व कुंदन गोप, वेदिक सोसाइटी के प्रेम प्रकाश और चाइल्ड लाइन की जया कुमारी व अनुज तिग्गा ने भी सक्रिय भूमिका निभायी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >