12 साल से मां और 2 भाईयों के साथ बेंगलुरु में रह रही थी AQIS टेरर मॉड्यूल की ‘सरगना’ शमा परवीन

Who is Shama Parveen: अक-कायदा के AQIS टेरर मॉड्यूल की ‘सरगना’ शमा परवीन कानून के शिकंजे में आ चुकी है. गुजरात एटीएस ने उसे गिरफ्तार किया, तो मालूम हुआ कि भारत में धार्मिक उन्माद का ताना-बाना बुनने वाली 30 साल की शमा परवीन झारखंड के कोडरमा जिले की रहने वाली है. वह अपने 2 भाईयों और मां के साथ 12 साल से बेंगलुरु में रह रही है. इंस्टाग्राम के जरिये युवाओं का ब्रेनवॉश करके भारत में दंगे भड़काने की साजिश रचती है. उसके कनेक्शन पाकिस्तान और अन्य देशों से भी हैं, ऐसा जांच एजेंसियों का कहना है.

Who is Shama Parveen| कोडरमा, विकास/किशोर : अल कायदा के टेरर मॉड्यूल की सरगना को गुजरात एटीएस ने बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है. इसका नाम शमा परवीन है. वह झारखंड के कोडरमा की रहने वाली है. आतंकवादियों के नेटवर्क में शामिल होने से पहले वह कोडरमा के तिलैया थाना क्षेत्र में रहती थी. असनाबाद में रांची-पटना रोड पर उसका दो मंजिला मकान है. इस मकान में अब किरायेदार रहते हैं. इसका किराया शमा परवीन ही लेती है.

Who is Shama Parveen: तिलैया के असनाबाद की रहने वाली है शमा परवीन

बुधवार 30 जुलाई को गुजरात एटीएस ने जैसे ही शमा की गिरफ्तारी का खुलासा किया, तो उसका झारखंड कनेक्शन भी सामने आ गया. इसके बाद सभी यह पता करने में जुट गये कि शमा परवीन है कौन और कहां रहती है. जांच एजेंसियों और झारखंड पुलिस को देर शाम पता चला कि शमा परवीन तिलैया के असनाबाद की रहने वाली है.

7 साल पहले हो गया Shama Parveen के पिता का निधन

शाम में तिलैया पुलिस की टीम उसके घर पहुंची. कुछ ही देर में वहां भारी भीड़ जमा हो गयी. लोगों ने बताया कि शमा परवीन के पिता शमसुल अंसारी का 7 साल पहले निधन हो गया. वे आरा मिल में काम करते थे. वहीं, शमा परवीन अपनी मां और 2 भाईयों के साथ करीब 12 साल से बेंगलुरु में रह रही है.

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शमा का बड़ा भाई बेंगलुरु में इंजीनियर, बहन कोलकाता में कृषि वैज्ञानिक

शमा का बड़ा भाई शमशेर बेंगलुरु में इंजीनियर है, जबकि एक और भाई आजम भी वहीं रहता है. शमा ने शहर के सीडी बालिका उच्च विद्यालय से दसवीं तक की पढ़ाई पूरी की. उसकी बड़ी बहन पश्चिम बंगाल में कृषि वैज्ञानिक है. वह कोलकाता में रहती है.

तिलैया में शमा के घर के अगल-बगल के लोग सकते में

शमा परवीन के अल कायदा जैसे आतंकी संगठन से जुड़े होने की सूचना मिलने के बाद देर शाम पुलिस उसके घर पहुंची, तो आस-पड़ोस के लोग सकते में आ गये. कोई इस मामले में कुछ भी स्पष्ट कहने को तैयार नहीं था. हालांकि, शमा के किरायेदार कटाहडीह जयनगर के शमसुद्दीन ने बताया कि वे 4 वर्ष से इस मकान में रह रहे हैं. वहीं, डालटनगंज के हसीब अख्तर ने बताया कि 4 माह से वे इस मकान में किराये पर हैं. इसका किराया शमा परवीन को ही देते हैं.

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By Mithilesh Jha

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