शिवरात्रि पर निकली भगवान शिव की झांकी

अड्डी बंगला स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र में 90वां महाशिवरात्रि महोत्सव पर झांकी निकाली गयी.

झुमरीतिलैया. अड्डी बंगला स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र में 90वां महाशिवरात्रि महोत्सव पर झांकी निकाली गयी. इस दौरान पूरा परिसर दिव्य प्रकाश, शिवध्वज और आध्यात्मिक गीतों से गूंज उठा. राजयोगिनी बीके शीला दीदी ने बताया शिवरात्रि का गूढ़ आध्यात्मिक रहस्य गया से पधारी राजयोगिनी बीके शीला दीदी ने कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मा को विकारों से मुक्त करने का स्मृति दिवस है. जब संसार अज्ञान रूपी अंधकार और काम, क्रोध, लोभ, मोह तथा अहंकार जैसे पांच विकारों में डूब जाता है, तब पतित-पावन परमपिता शिव अवतरित होकर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं, उनके दिव्य ज्ञान से तमोगुण का नाश और सतोगुण की स्थापना होती है.शिवरात्रि का जागरण अज्ञान की निद्रा से जागने का प्रतीक है. शिवलिंग पर बेलपत्र और धतूरा अर्पित करना अपने भीतर के विकारों का त्याग करने का संकेत है, यदि हम अपने तमोगुणी संस्कारों को छोड़ दें तो जीवन में सत्यम् शिवम् सुंदरम् का संचार सहज ही संभव है. मौके पर सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक माधव राम भार्गव ने कहा कि यहां आकर परमपिता परमात्मा का सच्चा ज्ञान प्राप्त होता है. कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने शिव ध्वज लहराकर विकारमुक्त जीवन जीने की प्रतिज्ञा ली. इसके पश्चात अड्डी बंगला से शिव संदेश यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, यह यात्रा झंडा चौक, महाराणा प्रताप चौक, बाइपास मार्ग, ऊपर पुल और सुभाष चौक होते हुए पुनः सेवा केंद्र पहुंची. कार्यक्रम में प्रदीप भाई, शंकर चौरसिया, सुमन कुमार, रामेश्वर, स्वाति अग्रवाल, रजनी खेतान, मीणा खेतान, कुसुम दुग्गल, बबीता, श्वेता, रीता, सुधा और बेबी संगीता सहित भारी संख्या में श्रद्धालु भक्त शामिल थे.

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Author: VIKASH NATH

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