कोडरमा. मेरिडियन अकादमी, गुमो में सोमवार को प्रार्थना सभा के दौरान हिंदी दिवस का आयोजन बड़े ही धूमधाम और गरिमा के साथ किया गया. कार्यक्रम का मकसद विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति प्यार, सम्मान और गर्व की भावना जगाना और उन्हें हिंदी साहित्य व रचनात्मकता से जोड़ना था.
दिनकर को नमन: कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्राचार्य उत्तम कुमार लाहा ने की. उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के चित्र पर फूल चढ़ाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इसके बाद विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी दिनकर के चित्र पर फूल चढ़ाकर उन्हें नमन किया.
प्राचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हिंदी भाषा के महत्व पर रोशनी डाली. उन्होंने कहा कि हिंदी सिर्फ बात करने का ज़रिया नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, साहित्य और भावनाओं को जोड़ने वाली एक अहम भाषा है. उन्होंने विद्यार्थियों से रोज़मर्रा की ज़िंदगी में हिंदी का सही और असरदार इस्तेमाल करने की अपील की. जैसा कि राष्ट्रकवि दिनकर ने कहा, "जो सहता है, वही रहता है".
नन्हे कवियों का जोश: कविता वाचन प्रतियोगिता
हिंदी दिवस के मौके पर प्राइमरी सेक्शन के विद्यार्थियों के बीच कविता वाचन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ. नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ कविताएँ पढ़कर अपनी प्रतिभा का जलवा दिखाया. एक खास पल तब आया जब कक्षा 3 की छात्रा आरुषि ने 'वीर जवान' कविता सुनाई, जिसकी देशभक्ति की भावना ने सबको भावुक कर दिया.
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'हिंदी का महत्व' पर छात्रों ने लिखे निबंध
वहीं, सीनियर सेक्शन के बच्चों के बीच ‘हिंदी का महत्व’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता कराई गई. विद्यार्थियों ने हिंदी की अहमियत, उसकी समृद्ध साहित्यिक विरासत और आज के दौर में उसकी प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे. कक्षा 8 के छात्र रोहन ने अपने निबंध में लिखा कि कैसे आज की युवा पीढ़ी को भी अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए हिंदी का इस्तेमाल करना चाहिए, जो एक बेहद प्रभावशाली विचार था.
शिक्षकों की देखरेख में हुआ आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन हिंदी शिक्षक विजय मोदी और स्वाति सोनल ने किया. इसके सफल आयोजन में सीसीए इंचार्ज राजकुमार और सुचित्रा सिन्हा का खास योगदान रहा.
इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति प्यार और सम्मान की भावना और मज़बूत हुई.
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