कोडरमा: सोहराय चित्रकला की सांस्कृतिक व शैक्षिक उपयोगिता बतायी

कोडरमा के ग्रिजली कॉलेज ऑफ एजुकेशन में दो दिवसीय आर्ट एंड क्राफ्ट कार्यशाला हुई, जिसका विषय भारतीय ज्ञान परंपरा में सोहराय चित्रकला की भूमिका रहा. इसमें चित्रकला के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की गई.

कोडरमा. ग्रिजली कॉलेज ऑफ एजुकेशन में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में दो दिवसीय आर्ट एंड क्राफ्ट कार्यशाला हुई. कार्यशाला का विषय भारतीय ज्ञान परंपरा में सोहराय चित्रकला की भूमिका था.

प्रथम दिन रिसोर्स पर्सन अनुब्रत बंदोपाध्याय, प्राचार्य डॉ मोहित कुमार तिवारी, सहायक प्राध्यापक विनीता बंदोपाध्याय समेत अन्य प्राध्यापकों ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया. प्राचार्य डॉ मोहित कुमार तिवारी ने अतिथियों और प्रशिक्षुओं का अभिनंदन किया.

रिसोर्स पर्सन अनुब्रत बंदोपाध्याय ने आर्ट एंड क्राफ्ट तथा सोहराय चित्रकला के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला. उन्होंने इसकी विशेषताओं, निर्माण विधियों और सांस्कृतिक एवं शैक्षिक उपयोगिता की जानकारी दी.

अनुब्रत बंदोपाध्याय एवं सहायक प्राध्यापक बिनीता बंदोपाध्याय के मार्गदर्शन में प्रशिक्षुओं ने समूहों में सोहराय चित्रकला की पारंपरिक आकृतियों और चित्र शैलियों को प्रस्तुत किया. कार्यशाला में बीएड सत्र 2025-27 के प्रशिक्षु, डीएलएड विभागाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह, शैक्षणिक समन्वयक सौरभ शर्मा, खुशबू कुमारी सिन्हा समेत शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद थे. संचालन समीना परवीन, धन्यवाद ज्ञापन आइक्यूएसी समन्वयक मनीष कुमार सिन्हा ने किया.

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By Rajesh

राजेश सिंह, जयनगर वर्ष 2000 से प्रभात खबर से जुड़ कर काम कर रहे हैं. आंचलिक पत्रकारिता का करीब 26 वर्षों का लंबा अनुभव है.

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