सात दिवसीय योग शिविर का समापन
कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओं एवं बुज़ुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया.
डोमचांच. देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार से आयीं देवकन्याएं आयुषी शर्मा, सुप्रिया एवं दुर्गेश नंदिनी द्वारा आयोजित सात दिवसीय योग, एक्यूप्रेशर थेरेपी एवं जुम्बा डांस की विशेष कक्षाओं का समापन गुरुवार को हुआ. कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओं एवं बुज़ुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कन्याओं ने बताया कि योग के माध्यम से व्यक्ति मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ कैसे रह सकता है. एक्यूप्रेशर थेरेपी के माध्यम से शरीर के विभिन्न बिंदुओं की जानकारी दी गयी. जुम्बा डांस के माध्यम से लोगों को आनंदपूर्वक व्यायाम करना सिखाया गया. कार्यक्रम के अंतिम चरण में लाफिंग एक्सरसाइज़ करायी गयी, जिसके माध्यम से लोगों को प्रसन्न रहना, खुलकर हंसना और जीवन में सकारात्मकता भरना सिखाया गया. कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए फीडबैक दिया कि उन्हें इस सात दिवसीय शिविर से बहुत कुछ सीखने को मिला. उन्होंने बताया कि केवल एक घंटे की कक्षा से उनका पूरा दिन बहुत अच्छा गुजरता था, जमीन पर बैठना काफी मुश्किल हो गया था, आज सात दिनों में हम आराम से घर पर जमीन पर बैठकर काम भी कर रहे हैं. घना कोहरे के बाद भी सभी समय पर नियमित आये, उसके लिये शिव कुमार वर्णवाल को-ऑर्डिनेटर सह जिला समन्वयक ने सभी का आभार व्यक्त किया. सार्वजनिक स्थल पर हवन यज्ञ, संस्कार और दीप यज्ञ भी कराया गया. अंतिम दिन समाजसेवी सुरेश साव को साहित्य देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम को सफल बनाने में ओम प्रकाश विश्वकर्मा, सुनीता वर्णवाल, उर्मिला देवी, सुनीता साहू, सुनीता साव, पूनम साव, विमला विश्वकर्मा, रेखा साव, अनीषा वर्णवाल, मधु वर्णवाल, गीता देवी आदि का सहयोग रहा.
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