मानवता की सेवा पुलिस का सबसे बड़ा धर्म : गुलाम हैदर

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय कोडरमा सभागार में मोटर दुर्घटना मुआवजा से संबंधित जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.

कोडरमा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय कोडरमा सभागार में मोटर दुर्घटना मुआवजा से संबंधित जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुलाम हैदर ने किया. कार्यशाला में उपस्थित व्यवहार न्यायालय कोडरमा के न्यायिक पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी व अधिवक्ताओं ने मोटर दुर्घटना मुआवजा अधिनियम से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की. मौके पर प्रभारी प्रधान जिला जज गुलाम हैदर ने कहा कि मानवता की सेवा ही पुलिस का सबसे पहला धर्म है, जिसका पालन पुलिस पदाधिकारियों को पूरी निष्ठा व ईमानदारी से करना चाहिए. पुलिस पदाधिकारी मोटर दुर्घटना मुआवजा अधिनियम से संबंधित अद्यतन जानकारी प्राप्त कर पीडितों को लाभ दिलाने की दिशा में सतत प्रयत्नशील रहे. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमित कुमार वैश ने कहा कि दुर्घटना के शिकार व्यक्ति की मदद करने में पुलिस का दायित्व सबसे अधिक महत्वपूर्ण है. पुलिस अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करें. पुलिस उपाधीक्षक दिवाकर कुमार ने कहा कि हिट एंड रन के तहत पीड़ित व्यक्ति अथवा उनके आश्रितों को दो लाख रुपया मुआवजा तथा दुर्घटना के शिकार व्यक्ति की मदद करने वाले को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है. अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जगदीश सलूजा ने कहा कि यह कार्यशाला अधिवक्ताओं और पुलिस पदाधिकारियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी. कार्यशाला में झारखंड उच्च न्यायालय रांची के आये राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार लाल ने मोटर दुर्घटना मुआवजा अधिनियम से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला. साथ ही सर्वोच्च न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों के चर्चित केसों का हवाला देते हुए कानून में हुए विभिन्न बदलाव व नये कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया. कार्यशाला का संचालन न्यायालयकर्मी रणजीत कुमार सिंह ने किया. जिला जज प्रथम सह प्रभारी प्रधान जिला जज गुलाम हैदर ने रिसोर्स पर्सन अरविंद कुमार लाल को मोमेंटो और शॉल भेंट कर सम्मानित किया. इस अवसर पर जिला जज प्रथम गुलाम हैदर, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमित कुमार वैश, एसीजेएम सह प्राधिकार के प्रभारी सचिव मनोरंजन कुमार, झारखंड उच्च न्यायालय रांची के अधिवक्ता चेतन नाग, शिवम राज, अभियोजन के पुलिस निरीक्षक विकास पासवान, अधिवक्ता नवल किशोर, राजेंद्र मंडल, अरुण कुमार ओझा, अश्विनी शरण, ललन कुमार चौधरी, निक्की कुमार, न्यायालयकर्मी प्रियंका कुमारी, रवि कुमार, संतोष कुमार सिंह, पीएलवी रवींद्र कुमार यादव, पांडेय शेखर प्रसाद, नेहा सिन्हा, मोनिका कुमारी, कंचन कपूर, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह प्राधिकार के प्रभारी सचिव मनोरंजन कुमार आदि मौजूद थे.

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