कोडरमा: संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान के तहत संयुक्त किसान मोर्चा कोडरमा ने किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर कोडरमा सांसद सह केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी के कार्यालय में ज्ञापन सौंपा. सांसद की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने उनके कार्यालय सहायक को ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की.
ज्ञापन के माध्यम से किसानों की फसलों के लिए सी2+50 प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने की मांग की गयी. इसके अलावा किसान विरोधी भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करने, खान एवं खनिज संशोधन विधेयक वापस लेने, किसानों की कर्जमाफी और बढ़ती किसान आत्महत्याओं पर रोक लगाने की मांग उठायी गयी. आत्महत्या करने वाले किसानों के आश्रितों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग की गयी.
मोर्चा ने बीज एवं बिजली विधेयक और चारों लेबर कोड रद्द करने, मनरेगा को पूर्व स्वरूप में लागू करने, साल में 200 दिन काम और 700 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने तथा खाद्य सुरक्षा विधेयक वापस लेने की मांग की. साथ ही जबरन जमीन अधिग्रहण पर रोक लगाने और भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागू करने की मांग रखी गयी.
ज्ञापन में आदिवासी और गैर-आदिवासी वनवासियों को वन पट्टा देने, पेसा अधिनियम 1996 के आधार पर भूमि अधिकारों की रक्षा करने, खाद, पेट्रोल-डीजल की कमी और कालाबाजारी समाप्त करने तथा किसानों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन देने की मांग भी शामिल थी. इसके अलावा सहकारी समितियों को कॉरपोरेट कब्जे से बचाने, सभी खेतों तक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने और हाथियों के आतंक से किसानों को निजात दिलाने की मांग की गयी.
संयुक्त किसान मोर्चा ने पेपर लीक समेत किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को संसद में उठाने की भी मांग की. प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का उचित समाधान नहीं किया गया, तो आगामी 26 नवंबर से देशव्यापी जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा.
कार्यक्रम का नेतृत्व झारखंड राज्य किसान सभा के राज्याध्यक्ष असीम सरकार, किसान महासभा के पुरन महतो और अखिल भारतीय किसान सभा के अर्जुन यादव ने किया. प्रतिनिधिमंडल में अशोक यादव, झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य कौंसिल सदस्य फेकुलाल विद्यार्थी, मो. इब्राहिम, सुरेंद्र राम, सरफराज अहमद, शंभू राम, विजय सिंह और असगर अंसारी शामिल थे.
