गायत्री शक्तिपीठ में सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन

गायत्री शक्तिपीठ में सावन मास के पावन अवसर पर सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया.

6कोडपी13

कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालु.

प्रतिनिधि

झुमरीतिलैया. गायत्री शक्तिपीठ में सावन मास के पावन अवसर पर सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया. मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा. सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना एवं रुद्राभिषेक कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति क. पूजन अनुष्ठान परिव्राजक नकुल देव शास्त्री एवं नारायण की अगुवाई में संपन्न हुआ. वैदिक मंत्रों की दिव्य ध्वनि और शिव भजनों की गूंज से मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया. परिव्राजक नकुल देव शास्त्री ने अपने प्रेरणादायक प्रवचन में रुद्राभिषेक की महिमा बताते हुए कहा कि यह भगवान शिव को प्रसन्न करने का सर्वोत्तम साधन है, इससे नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है, ग्रह दोष शांत होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. उन्होंने कहा कि शिव का अर्थ है शुभ, शंकर का तात्पर्य है – कल्याण करने वाला, अतः हमें शिव की भक्ति के साथ शिव जैसे विचार और व्यवहार अपनाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा शिव बनकर ही शिव की पूजा सार्थक होती है. अहंकार, क्रोध, ईर्ष्या, लोभ, आलस्य जैसे दोषों को त्याग कर ही सच्ची शिव भक्ति संभव है. भगवान शिव सादगी, सहिष्णुता और समदर्शिता के प्रतीक हैं. मौके पर भारी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vikash nath

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >