कोडरमा के जयनगर में फीस विवाद पर बवाल, अभिभावकों ने किया हंगामा और सड़क जाम

Koderma News: कोडरमा के जयनगर स्थित आईलेक्स पब्लिक स्कूल में फीस विवाद को लेकर अभिभावकों ने हंगामा कर 45 मिनट सड़क जाम किया. जांच में स्कूल की मान्यता, फीस समिति और संचालन से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आईं. डीएसई ने कार्रवाई का भरोसा दिया.

जयनगर से राजेश सिंह की रिपोर्ट

Koderma News: झारखंड के कोडरमा जिले के जयनगर थाना क्षेत्र स्थित पावर हाउस डंडाडीह में संचालित आईलेक्स पब्लिक स्कूल में गुरुवार को फीस विवाद को लेकर जमकर हंगामा हुआ. स्कूल प्रबंधन पर मनमानी फीस वसूली, फीस बकाया रहने पर बच्चों को प्रताड़ित करने और धूप में खड़ा करने का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किया. नाराज अभिभावकों ने करीब 45 मिनट तक कोडरमा-कोवाड मुख्य मार्ग जाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया. बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर जाम समाप्त हुआ.

फीस बाकी होने पर बच्चों को धूप में खड़ा कराया

प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का आरोप था कि विद्यालय प्रबंधन फीस जमा नहीं होने पर बच्चों को कड़ी धूप में विद्यालय के बाहर खड़ा कर देता है. इतना ही नहीं, स्कूल के भीतर भी बच्चों के साथ मानसिक प्रताड़ना की जाती है. अभिभावकों ने कहा कि स्कूल प्रशासन हर वर्ष मनमाने तरीके से फीस बढ़ा रहा है और किताब, ड्रेस तथा अन्य मदों में भी अधिक राशि वसूली जा रही है. उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने उनकी बात नहीं सुनी, जिसके बाद उन्हें विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा.

वीडियो वायरल होने के बाद और बढ़ा विवाद

हंगामे के दौरान स्कूल के प्राचार्य मुकेश कुमार ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर स्कूल के डायरेक्टर डॉ. शैलेश कुमार को भेजा. इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि अभिभावकों ने स्कूल कार्यालय से करीब डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए और विद्यालय में तोड़फोड़ की. वीडियो वायरल होते ही माहौल और तनावपूर्ण हो गया. बड़ी संख्या में अभिभावक और स्थानीय लोग स्कूल परिसर के बाहर जमा हो गए. हालांकि प्रदर्शनकारियों ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है.

प्रशासन के समझाने पर खुला सड़क जाम

घटना की सूचना मिलने पर जयनगर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर बीरेंद्र कुमार, अंचल अधिकारी सारांश जैन तथा प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (बीपीओ) राधा सिंह मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन तत्काल कोई समाधान नहीं निकल सका. इसके बाद नाराज अभिभावकों ने पावर हाउस के समीप कोडरमा-कोवाड मुख्य मार्ग जाम कर दिया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. करीब 45 मिनट बाद अधिकारियों के आश्वासन पर लोगों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया.

जांच में सामने आईं कई गंभीर अनियमितताएं

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) अजय कुमार स्वयं विद्यालय पहुंचे और जांच की. जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. डीएसई ने बताया कि शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में "आईलेक्स पब्लिक स्कूल" नाम से कोई विद्यालय पंजीकृत नहीं है. पहले यह विद्यालय "आइडियल प्रोग्रेसिव स्कूल" के नाम से संचालित होता था और यू-डाइस पंजीकरण भी उसी नाम से है. जांच में यह भी सामने आया कि विद्यालय में अनिवार्य शुल्क निर्धारण समिति (फीस कमेटी) का गठन नहीं किया गया है. इसके अलावा विद्यालय को केवल कक्षा 1 से 8 तक संचालित करने की अनुमति है, लेकिन यहां कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों को भी पढ़ाया जा रहा है, जो नियमों का उल्लंघन है.

फीस की रसीद भी दूसरे स्कूल के नाम पर

डीएसई अजय कुमार ने बताया कि जांच के दौरान यह भी पाया गया कि जयनगर में पढ़ने वाले छात्रों से फीस की रसीद आईलेक्स पब्लिक स्कूल, बरही शाखा के नाम से काटी जा रही है, जो नियमों के अनुरूप नहीं है. उन्होंने कहा कि जनवरी महीने में एक एग्रीमेंट के तहत आईलेक्स पब्लिक स्कूल ने आइडियल प्रोग्रेसिव स्कूल का संचालन अपने हाथ में लिया था. पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जो भी अनियमितताएं सामने आएंगी, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

बच्चों को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता : डीएसई

जिला शिक्षा अधीक्षक ने विद्यालय प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून के तहत फीस के लिए किसी भी बच्चे को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता. यदि जांच में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

अभिभावकों से प्रशासन की अपील

अंचल अधिकारी सारांश जैन ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है और इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को दे दी गई है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि किसी भी निजी विद्यालय में बच्चों का नामांकन कराने से पहले उसकी मान्यता, यू-डाइस पंजीकरण, परीक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी अवश्य प्राप्त करें.

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प्रशासन कर रहा जांच

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है. प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. वहीं अभिभावक भी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फीस व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग पर अड़े हुए हैं.किसी भी निजी विद्यालय में बच्चों का नामांकन कराने से पहले उसकी मान्यता, परीक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें.

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लेखक के बारे में

Published by: Kumarvishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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