दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल अवार्ड से डॉ वीरेंद्र हुए सम्मानित
भोजपुरी फिल्म प्यार से और म्यूजिक एलबम को मिली राष्ट्रीय पहचान
By DEEPESH KUMAR | Updated at :
भोजपुरी फिल्म प्यार से और म्यूजिक एलबम को मिली राष्ट्रीय पहचान
कोडरमा बाजार. जिले के जाने माने चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ वीरेंद्र कुमार चिकित्सा के क्षेत्र के अलावा जिले में सांस्कृतिक ,पर्यटन और कला के क्षेत्र में भी सफलता का झंडा लहरा रहे हैं. उनके परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण रंगमंच की दुनिया में कोडरमा का नाम राष्ट्रीय फलक पर छाने लगा है. दिल्ली में आयोजित 15वें दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल कार्यक्रम में न केवल राजवीर आर्ट्स के बैनर तले उनके द्वारा निर्मित भोजपुरी फिल्म प्यार से और म्यूजिक एलबम देखो कहां से कहां आ गये का चयन किया गया, बल्कि फेस्टिवल में भोजपुरी फिल्म प्यार से को ऑफिशियल सेलेक्शन अवार्ड और म्यूजिक एलबम देखो कहां से कहां आ गये को स्पेशल फेस्टिवल मेंशन अवार्ड से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के दौरान फिल्म और एलबम के निदेशक डॉ वीरेंद्र कुमार और विपिन जाटे को अवार्ड देकर सम्मानित किया गया. उल्लेखनीय है कि भोजपुरी फिल्म प्यार से इसी साल जनवरी में जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ऑफिशियल चयन किया गया था और फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया था. इसके पूर्व वर्ष 2023 में भी डॉ वीरेंद्र के दो वीडियो एलबम को दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल अवार्ड से सम्मानित किया गया. डॉ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि उनका मकसद कोडरमा और झारखंड में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देना है, जिससे कला और संस्कृति से जुड़े स्थानीय कलाकारों को नाम, काम और शोहरत मिले और उनकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बने, देश और दुनिया को यह एहसास हो कि दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो छोटे से जिले से भी बेहतर कलाकर राष्ट्रीय स्तर पर उभर सकते हैं. उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और घटते रोजगार के बीच रंगमंच की दुनिया में रोजगार की असीम संभावना है, फिल्म के साथ साथ झारखंड के पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाये, तो राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. राज्य और केंद्र सरकार को इस ओर गंभीरत से कार्य करने की जरूरत है.
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