डोमचांच थाना क्षेत्र के काराखुट कस्तूरबा स्कूल के पीछे की घटना : खदान के पानी पर ही निर्भर हैं काराखूट के लोग
डोमचांच. थाना क्षेत्र अंतर्गत काराखुट कस्तूरबा स्कूल के पीछे बंद पड़ी पत्थर खदान में कपड़ा धोने के क्रम में एक महिला डूब गयी. घटना शनिवार सुबह नौ बजे की है. महिला की पहचान काराखुट निवासी संगीता देवी (पति विजय सिंह) के रूप में हुई है. उसकी खोजबीन की जा रही है. घटना के बारे में महिला की बेटी ज्योति कुमारी ने बताया कि जब हम अपनी मां को खोजने के लिए खदान के पास पहुंचे, तो वहां नहीं मिली, सिर्फ कपड़ा रखा हुआ था, जबकि एक कपड़ा पानी में तैर रहा था और मेरी मां का मोबाइल वहीं रखा हुआ था. महिला के खदान में डूबने की सूचना पर आसपास लोगों की काफी भीड़ जमा हो गयी. घटना की सूचना मिलते ही डोमचांच थाना प्रभारी अभिमन्यु पडिहारी घटना स्थल पर पहुंचे व मामले की जानकारी ली. पुलिस व ग्रामीणों की मदद से महिला की खोजबीन का प्रयास शुरू हुआ. समाचार लिखे जाने तक महिला को कुछ पता नहीं चल पाया था. मौके पर प्रमुख सत्यनारायण यादव, मुखिया अनिता देवी सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे.
पानी की समस्या की वजह से खदान के पानी का उपयोग करते हैं लोग
जानकारी के अनुसार, जिस खदान में घटना घटी, उसमें काराखूट के लोग कपड़ा धोने और नहाने के लिए आते हैं. इस टोला में पानी की गंभीर समस्या है. उक्त पत्थर खदान वर्ष 2005 में ही बंद हो चुकी है. इसके बाद माइंस संचालक द्वारा बंद पड़ी खदान को भरने की प्रक्रिया शुरू की गयी थी, लेकिन पानी की किल्लत को देखते हुए ग्रामीणों ने इसका विरोध कर दिया था. ग्रामीणों का कहना था कि गांव में पानी की भारी समस्या है. लोग इसी खदान के पानी का उपयोग कपड़े और बर्तन धोने के साथ-साथ मवेशियों को नहलाने के लिए करते हैं, गांव में एक जलमीनार भी है, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, इसलिए लोग खदान के पानी का उपयोग कर रहे हैं. खदान का पानी ग्रामीणों के लिए पानी के लिए मुख्य सहारा बना हुआ है.
