झुमरीतिलैया. दिगंबर जैन समाज का 10 दिवसीय दशलक्षण पर्युषण महापर्व 16 सितंबर से शुरू होगा. इस दौरान जैन श्रद्धालु व्रत, संयम, तप, त्याग और पूजा-अर्चना के माध्यम से आत्मकल्याण की साधना करेंगे. महापर्व को लेकर शहर के दोनों जैन मंदिरों में विशेष तैयारियां की गयी हैं. सभी कार्यक्रम जैन संत मुनि श्री 108 सुयश सागर जी मुनीराज के सानिध्य में होंगे.
दशलक्षण महापर्व के दौरान ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो जायेंगे. महिला, पुरुष और बच्चे नित्य पूजन, ध्यान, व्रत और नियमों का पालन करते हुए धर्म आराधना करेंगे. श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार एक समय भोजन, फलाहार या उपवास का संकल्प भी लेंगे. श्री दिगंबर जैन समाज और विरागोदय वर्षायोग कमेटी के सानिध्य में भाद्र शुक्ल पंचमी से भाद्र शुक्ल चतुर्दशी तक महापर्व चलेगा.
विद्युत रोशनी से सजाये गये जैन मंदिर
जैन समाज के अनुसार दशलक्षण पर्व आत्मशुद्धि, संयम और त्याग के माध्यम से आत्मा को परमात्मा की ओर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करता है. स्टेशन रोड स्थित जैन मंदिर और पानी टंकी रोड स्थित जैन मंदिर को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया है. पर्व को लेकर समाज के महिला, पुरुष, युवा और बच्चे उत्साह के साथ तैयारियों में जुटे हैं.
जैन समाज के पदाधिकारी नरेंद्र झाझंरी, राज छाबड़ा और सुरेंद्र काला ने बताया कि महापर्व को सफल बनाने में समाज के सभी वर्ग के लोग तन-मन-धन से जुटे हैं. मीडिया प्रभारी नवीन जैन और राजकुमार अजमेरा ने बताया कि पूजा-विधान में बिंदु दीदी और स्थानीय पंडित अभिषेक जैन की सहभागिता रहेगी.
