झुमरीतिलैया. दशलक्षण महापर्व के तीसरे दिन शुक्रवार को जैन समाज के श्रद्धालुओं ने उत्तम आर्जव धर्म को भक्ति भाव से मनाया. चातुर्मास कर रहे जैन संत मुनि सुयश सागर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.
सरलता और छल-कपट से दूर रहने का संदेश
मुनि सुयश सागर जी ने उत्तम आर्जव धर्म पर प्रवचन करते हुए कहा कि धोखा, छल और मायाचारी से भरा जीवन मनुष्य को दुख की ओर ले जाता है. सच्चा सुख और शांति सरलता में है. हमारी आत्मा पवित्र द्रव्य है, लेकिन मोह और कषाय के कारण हमने अनादिकाल से अपने भीतर दुख उत्पन्न किये हैं. इसी के परिणामस्वरूप जीव चारों गतियों में भटक रहा है.
उन्होंने कहा कि उत्तम आर्जव धर्म आत्मा में कोमलता और सरलता के प्रवेश का अवसर है. बहाने बनाने और दूसरों को ठगने की मायाचारी छोड़कर आत्मा को निर्मल बनाने का प्रयास करना चाहिए. मन, वचन और कर्म से किसी को दुख नहीं पहुंचाना चाहिए तथा जीवन में छल-कपट से बचना चाहिए.
दोनों जैन मंदिरों में हुआ विधान
इसके पूर्व सुबह दोनों जैन मंदिरों में श्रद्धालुओं ने उत्तम आर्जव धर्म की विधान पूजा की. केसरिया धोती-दुपट्टे में पुरुष युवकों ने भगवान का अभिषेक और शांतिधारा की. विश्व शांति मंत्रों के साथ शांतिधारा का महामंत्र मुनि सुयश सागर जी के सानिध्य में कराया गया.
पंडाल परिसर में कुणाल ठोलिया और सिद्धांत सेठी के प्रयास से संस्कार शिविर चल रहा है. इसमें श्रद्धालु ध्यान, योग, पूजा और विधान के माध्यम से आत्मकल्याण की साधना कर रहे हैं.
विभिन्न परिवारों को मिला अभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य
बड़ा मंदिर में मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ पर प्रथम अभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य जय कुमार-मनीष गंगवाल परिवार को मिला. श्रीजी का विहार कराकर पांडुकशिला पर विराजमान करने और प्रथम अभिषेक का सौभाग्य अनूप, शैलेश और दीपक सेठी परिवार को प्राप्त हुआ. भगवान की दूसरी ओर से शांतिधारा एवं प्रथम अभिषेक का सौभाग्य आरजव पोपी गंगवाल परिवार को मिला.
पंडाल परिसर में भगवान महावीर स्वामी का श्री विहार एवं प्रथम अभिषेक देवेश काला, केशव जैन रांची और रचित सेठी हजारीबाग परिवार को मिला. महाशांतिधारा का सौभाग्य अनिल, शोभा, रौनक, आशिका और चिराग कासलीवाल परिवार को मिला. दूसरी ओर से शांतिधारा विनोद-सार्थक सेठी परिवार ने की.
पानी टंकी रोड स्थित नया मंदिर में भगवान की शांतिधारा का सौभाग्य चुन्नीलाल-प्रदीप छाबड़ा परिवार को मिला. दूसरी ओर से शांतिधारा जुगल किशोर, संदीप, संजय और आशीष सेठी परिवार ने की. भगवान आदिनाथ की बेदी पर शांतिधारा का सौभाग्य तन्मय, हृदय और प्रवीण पाटनी परिवार को प्राप्त हुआ.
शनिवार को प्रवचन और नाटक का मंचन
जैन समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन एवं राजकुमार अजमेरा ने बताया कि शनिवार की संध्या छत्तीसगढ़ से आयीं बिट्टू दीदी का प्रवचन होगा. इसके अलावा विरागोदय चातुर्मास कमेटी की ओर से भव्य आरती तथा जैन महिला-बालिका समाज द्वारा ''उपसर्ग से उत्कर्ष'' नाटक का मंचन किया जायेगा.
