माकपा ने वक्फ संशोधन अधिनियम का जताया विरोध

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने वक्फ संशोधन अधिनियम को संविधान पर हमला करार देते हुए इसका विरोध जताया है़ दिया है.

कोडरमा. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने वक्फ संशोधन अधिनियम को संविधान पर हमला करार देते हुए इसका विरोध जताया है़ दिया है. माकपा के राज्य सचिवमंडल सदस्य संजय पासवान जो मदुरै तमिलनाडु में सीपीएम की 24वीं पार्टी कांग्रेस में भाग ले रहे हैं. ने बताया कि महाधिवेशन में तीसरे दिन शुक्रवार को वक्फ संशोधन अधिनियम की निंदा करते हुए सर्वसम्मति से इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया और इसे वापस लेने की मांग की गई. माकपा नेता ने कहा कि यह विधेयक वक्फ संस्थाओं की स्वायत्तता पर हमला है, जो संविधान और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है. यदि मुद्दा केवल वक्फ बोर्ड के कामकाज का होता तो मुस्लिम समुदाय के साथ परामर्श करके सुधार पेश किये जा सकते थे. भाजपा सरकार का उद्देश्य गरीब मुसलमानों, बच्चों या महिलाओं की मदद करना नहीं है, बल्कि विभाजन पैदा करना और मुसलमानों को देश का दुश्मन बताना है. वक्फ बोर्ड में गैर-मुसलमानों को शामिल करना मुस्लिम समुदाय की धार्मिक स्वायत्तता का अतिक्रमण है़

भाजपा नेता ने वक्फ संशोधन बिल का किया स्वागत

डोमचांच. भाजपा ओबीसी मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष व डोमचांच निवासी महेंद्र प्रसाद वर्मा ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पारित होने का स्वागत किया है. उन्होंने इस बिल को देश के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह न केवल राष्ट्रीय एकता को मजबूत करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को भी सशक्त बनायेगा. उन्होंने कहा कि विपक्ष इस बिल को लेकर भ्रम फैला रहा है. विपक्ष का उद्देश्य देश को अस्थिरता की ओर धकेलने का है़

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