खनिज पर झारखंड का पहला हक, चंदे में पारदर्शिता जरूरी; कांग्रेस ने केंद्र पर साधा निशाना

कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश रजक ने कहा कि खनिज संपदा पर झारखंड का पहला हक है. केंद्र सरकार को खनिज संशोधन अधिनियम और राम मंदिर चंदा मामले पर पारदर्शिता बरतनी चाहिए.

कोडरमा : खान एवं खनिज विकास संशोधन अधिनियम और राम मंदिर चंदा मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से पारदर्शिता बरतने की मांग की है. मंगलवार को शहर में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश रजक ने कहा कि झारखंड से निकलने वाले खनिज पर पहला हक झारखंड का है और केंद्र सरकार को राज्य के हितों को समझना होगा.

उन्होंने कहा कि खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है. यहां से निकलने वाले खनिज देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. ऐसे में खनिज संपदा से जुड़े किसी भी प्रावधान का असर राज्य के संवैधानिक और आर्थिक हितों पर पड़ता है. केंद्र सरकार को ऐसे मामलों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.

खनिज संपदा से रोजगार और भविष्य जुड़ा हुआ है : प्रकाश रजक

प्रकाश रजक ने कहा कि खनिज संपदा का मुद्दा केवल देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा नहीं है, बल्कि झारखंड के लोगों के रोजगार, विकास और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी सीधे जुड़ा हुआ है. राज्य के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए.

राम मंदिर चंदे की निष्पक्ष जांच की मांग

प्रदेश सचिव मनोज सहाय पिंकू ने राम मंदिर चंदा मामले को लेकर भाजपा पर गड़बड़ी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मंदिर के नाम पर लोगों से जुटाये गये चंदे के इस्तेमाल की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने पूरे मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की. प्रेस वार्ता में सोनू वारसी, अहमद अंसारी, महताब आलम समेत पार्टी के अन्य नेता मौजूद थे.

ये भी पढ़ें: कोडरमा में 27 अगस्त को खेलो इंडिया संवाद, PM मोदी युवाओं से करेंगे संवाद


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By विकाश नाथ

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >