तमाड़ : न चुनाव का मौसम है, न ही वह वोट मांगने आये हैं. वे सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ जनता से सहयोग चाहते हैं. यह लड़ाई जनता के हक व जमीन बचाने की है. उक्त बातें तमाड़ के वन विश्रामागार में आयोजित जनसभा में झाविमो के केंद्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने बुधवार को कही.
उन्होंने कहा की यह भूमि भगवान बिरसा मुंडा की है. बिरसा मुंडा ने आदिवासियों की जमीन की रक्षा के लिए अंगरेजों से लड़ कर सीएनटी-एसपीटी एक्ट बनवाया था. आजादी के बाद यहां बिना किसी एक्ट में संशोधन के काफी खदानें खुलीं. अब झारखंड की रघुवर सरकार को इसमें संशोधन की जरूरत क्यों पड़ गयी, यह समझ से परे है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार यह सब अंबानी और अडानी जैसे काॅरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए कर रही है. भाजपा की सरकार में प्रखंड से लेकर जिला स्तर के कार्यालयों में बिना पैसे दिये गरीब का काम नहीं होता है, एेसी सरकार को उन्होंने उखाड़ फेंकने का आह्वान किया.
इस मौके पर पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, डाॅ सबा अहमद, मथुरा प्रसाद साहू, दुबराज महतो, निषिकांत उरांव आदि ने सभा को संबोधित किये. मंच का संचालन मंगल दीप स्वांसी ने किया. कार्यक्रम के पश्चात चिपीबांधडीह के दुष्कर्म पीड़ित बिरहोर महिला रतनी देवी ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को ज्ञापन सौंपा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की माग की.
