चोरी के बाद अपने बड़े साढू को दे दिया बच्चा, पुलिस ने सकुशल किया बरामद
मरकच्चो : नवलशाही थाना क्षेत्र के नवादा चौक के पास से बीते सात फरवरी की रात चोरी किये गये चार माह के मासूम बच्चे को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है. बच्चे की बरामदगी गिरिडीह जिले के तिसरी स्थित गांव भीता से हुई है. बच्चे की चोरी पड़ोस में ही रहने वाले एक व्यक्ति ने की थी. पुलिस ने बच्चा चोरी करने के आरोपी पड़ोसी रामदेव यादव (पिता- स्व युगल यादव) को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के अनुसार उसके एक रिश्तेदार को सिर्फ बेटियां थीं, इसलिए उनका वंश बढ़ाने को लेकर बच्चा चोरी कर उन्हें सौंप दिया था. पुलिस की इस सनसनीखेज खुलासे के बाद हर कोई हैरत में है. हालांकि, बच्चा चोरी के बाद उसे रखने वाले पारिवारिक सदस्य फरार हैं. नवलशाही पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है.
जानकारी के अनुसार भागलपुर बिहार निवासी छोटू ठठेरा अपने परिवार के साथ नवादा चौक स्थित चुरामण साव के मकान में किराये पर रहता था. उसके तीन बेटे हैं. सात फरवरी की रात जब उसकी पत्नी अपने बच्चों के साथ सो रही थी, तो अचानक किसी ने उसके चार माह के बच्चे को चुला लिया. अचानक बच्चा गायब होने के बाद परिजनों के होश उड़ गये. पुलिस के पास मामला पहुंचा, तो पुलिस ने इसकी जांच शुरू की. जांच में मिली जानकारी के बाद पुलिस का शक पीड़ित परिवार के पड़ोसी रामदेव यादव पर गयी. पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने स्वीकार किया की बच्चा को उस ने चुरा कर अपने छोटे साढू धनवार थाना क्षेत्र के डुमरडीहा गांव निवासी के यहां पहुंचा दिया है.
यहां से बच्चे को उसके बड़े साढू सुरेश यादव (पिता- दामोदर यादव) निवासी भिता तिसरी के यहां ले जाना है. पुलिस ने जब तक धनवार में छापामारी की, तो बच्चा वहां से गायब कर दिया गया था. इसके बाद पुलिस ने तिसरी थाना क्षेत्र में छापामारी की तो यहां एक घर से बच्चा बरामद किया गया. आरोपी के अनुसार उसके बड़े साढू को तीन बेटियां है, इसलिए बेटे की चाहत पूरी करने को लेकर बच्चा चोरी कर के दिया था. पुलिस ने बच्चा को बरामद करने के बाद उसके माता-पिता को सौंप दिया. इससे पूर्व बच्चे की मेडिकल जांच करायी गयी. छापामारी अभियान व बच्चे की सकुशल बरामदगी में थाना प्रभारी शिव बालक प्रसाद यादव, चालक हवलदार धनंजय शर्मा, भूदेव राय, प्रमोद शर्मा, बलवंत सिंह समेत बलहरा के समाजसेवी मनोज यादव, पंसस राधेश्याम, मुखिया कांग्रेस यादव का सराहीनय योगदान रहा.
