अवैध शराब के निर्माण व बिक्री होने पर थाना प्रभारी होंगे दंडित

सरकार की ओर से खुद शराब बेचने की तैयारी विकास कोडरमा : झारखंड सरकार ने शराब बिक्री से प्राप्त होनेवाले राजस्व को बढ़ाने के लिए अगले वित्तीय वर्ष से खुद शराब बेचने के फैसले पर सहमति दी है़ साथ ही इस व्यवस्था को समय पर लागू करने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये […]

सरकार की ओर से खुद शराब बेचने की तैयारी
विकास
कोडरमा : झारखंड सरकार ने शराब बिक्री से प्राप्त होनेवाले राजस्व को बढ़ाने के लिए अगले वित्तीय वर्ष से खुद शराब बेचने के फैसले पर सहमति दी है़ साथ ही इस व्यवस्था को समय पर लागू करने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं. नयी व्यवस्था में अगर किसी इलाके में अवैध शराब का निर्माण या बिक्री होगी, तो इसके लिए संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी जिम्मेवार होंगे. सरकार ने इस तरह का निर्देश झारखंड राज्य बेवरेज काॅरपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) की बिक्री के साथ ही राजस्व संग्रहण प्रभावित न हो, इसका हवाला देकर जारी किया है.
शराब के धंधे में थाना प्रभारियों को जिम्मेवार बनाने के साथ ही नयी व्यवस्था को समय पर लागू करने की जिम्मेवारी उत्पाद विभाग के पदाधिकारियों के साथ ही सीओ को भी सौंपे जाने की बात कही गयी है. मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्त को पत्र भेज कर इसे सुनिश्चित कराने को कहा है. जारी पत्र में यह स्पष्ट कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 से राज्य में खुदरा उत्पाद दुकानों का संचालन राज्य सरकार के उपक्रम जेएसबीसीएल द्वारा कराया जाना है.
नये वित्तीय वर्ष शुरू होने में कम समय बचा है. ऐसे में आवश्यक कार्रवाई को पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर बिंदुवार काम करने को कहा गया है.
उपायुक्त ने उत्पाद विभाग के साथ बैठक की : मुख्य सचिव के निर्देश के बाद गुरुवार को उपायुक्त ने उत्पाद विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और नये प्रस्तावित व्यवस्था के विषय पर समीक्षा की. मुख्य सचिव ने तीन दिन के अंदर आवश्यक तैयारी कर पूरी रिपोर्ट उत्पाद मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा है.
दुकानों के प्रस्तावित किराया से लेकर उपस्कर व जरूरतों की सूची बनायें
– नयी व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार स्तर से बिंदुवार निर्देश दिये गये हैं. बताया जाता है कि पूर्व से चल रहे खुदरा दुकानों के परिसर मालिक से संपर्क स्थापित कर उनके द्वारा निगम को खुदरा उत्पाद दुकान चलाने के लिए परिसर उपलब्ध कराने के लिए लिखित सहमति व प्रस्तावित किराया (आधार सहित) प्राप्त करने को कहा गया है.
– नये प्रस्तावित दुकानदार को जरूरी उपस्कर की सूची तैयार करने को कहा गया है. प्रत्येक दुकान के लिए व्यापार के अनुसार कर्मियों की संख्या का आकलन करने को कहा गया है. यहीं नहीं, प्रत्येक दुकान को चलाने के लिए बिजली बिल, सफाई आदि सहित मासिक व्यय का आकलन भी करने को कहा गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >