पदमा साईं सेंटर. केंद्र से बजट नहीं मिला, हर वर्ष 50 लाख बजट की आवश्यकता
हजारीबाग (पदमा) : केंद्रीय खेल मंत्रालय से बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण हजारीबाग जिले के पदमा साईं सेंटर छह साल से उदघाटन के इंतजार में है. केंद्र के संचालन के लिए प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख बजट की आवश्यकता है. केंद्र सरकार द्वारा यह बजट का प्रावधान नहीं करने के कारण पदमा साईं सेंटर शुरू नहीं हो पा रहा है. 20 करोड़ की लागत से 42.5 एकड़ में बने साईं सेंटर वर्ष 2010 में ही पूरी तरह से बन कर तैयार हो गया. अभी तक अधिकारिक रूप से घोषणा नहीं हुआ है कि हजारीबाग पदमा साईं सेंटर का शुभारंभ कब होगा.
यह केंद्र कोलकाता रिजन साईं के अंतर्गत संचालित होगा. कोलकाता रिजन के झारखंड के रांची, बिहार के भभुआ, किशनगंज और पटना से सुरक्षित स्थान हजारीबाग का पदमा साईं सेंटर है. फिर भी सुरक्षा का एनओसी साईं को उपलब्ध नहीं हुआ है. झारखंड के 150 से अधिक युवा खिलाड़ी हर वर्ष पढ़ाई के साथ विभिन्न खेलों से वंचित रह रहे हैं. सिर्फ घोषणाओं के बीच उदघाटन छह साल गुजर गया. करोड़ों की लागत से बने भवन जर्जर हो गये. उदघाटन से पहले एक करोड़ जीर्णोद्धार पर खर्च करने की कार्रवाई फिर शुरू हो गयी है. अंडर 14, 16, 18 के खेल प्रतिस्पद्धाओं में झारखंड के खिलाड़ी शामिल होने से चूक जा रहे हैं.
केंद्रीय खेल मंत्रालय ने पदमा साईं सेंटर संचालन का बजट नहीं भेजा : कोलकाता रिजन साईं के अंतर्गत झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओड़िसा के साईं सेंटर आते हैं. केंद्रीय खेल मंत्रालय से कोलकाता रिजन को केंद्र संचालन के लिए वार्षिक बजट मिलता है. हजारीबाग पदमा साईं सेंटर जब 2010 में बना. इसके बाद से केंद्रीय खेल मंत्रालय से अलग से पदमा साईं सेंटर संचालन के लिए बजट कोलकाकात रिजन साईं को उपलब्ध नहीं कराया गया. जानकारों के अनुसार पदमा साईं सेंटर के लिए वार्षिक 50 लाख रुपया का बजट अगर केंद्र से मिलता. तब यह केंद्र संचालित तत्काल हो जाता.
झारखंड सरकार से सुरक्षा एनओसी नहीं लेना : कोलकाता रिजन साईं के अंतर्गत झारखंड में रांची केंद्र और बिहार में किशनगंज, भभुआ और पटना केंद्र संचालित हो रहा है.
इन सभी केंद्रों से ज्यादा सुरक्षित स्थान पर हजारीबाग का पदमा साईं सेंटर बना हुआ है. पदमा साईं सेंटर परिसर से सटा हुआ झारखंड सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण केंद्र है. यहां हर वक्त एक हजार से अधिक पुलिस जवान प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं. एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारी का आवास भी साईं सेंटर से सटा हुआ है. साईं सेंटर से 500 मीटर की दूरी पर पदमा थाना है. यहां भी केंद्र को सुरक्षा प्रदान करने के लिए पर्याप्त पुलिस अधिकारी और जवान तैनात हैं. साथ ही कुछ ही दूरी एनएच 33 है. जबिक अनुमंडल कार्यालय बरही 15 किलोमीटर पर है. जहां एसडीओ, एसडीपीओ अधिकारी रहते हैं. पदमा में कभी भी उग्रवादी घटना इस इलाके में नहीं घटी है. पूरी तरह से सुरक्षित होने के बाद भी हजारीबाग से दिल्ली की दूरी का फायदा फाइलों में दिखाया गया. सुरक्षा के लिए एनओसी नहीं मिला है. जबकि सभी पदस्थापित डीसी व एसपी सबसे सुरक्षित स्थान पदमा परिसर को ही मानते हैं. साईं के अधिकारियों ने केंद्र संचालन के लिए जो भी कारण सामने लायें हैं. जांच में वह सही साबित नहीं हो रहा है.
हॉस्पीटल मार्केट नहीं होना भी बताया गया : केंद्र के संचालन के आनाकानी में निदेशकों द्वारा पदमा साईं सेंटर के पास स्वास्थ्य सुविधा, मार्केट व मुख्यालय से दूर होना बताया जा रहा है.
जबकि पदमा साईं सेंटर संचालन के बाद प्रखंड स्तर पर पदस्थापित प्रखंड स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायेगा. जहां सरकारी अस्पताल के साथ चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहेंगे. आवश्यकता अनुसार स्वास्थ्य सुविधा खिलाड़ियों को जिला प्रशासन इस केंद्र के माध्यम से उपलब्ध करायेगी. इसके अलावा 10 किलोमीटर की दूरी पर बरही अनुमंडलय अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर भी होगा. वहीं पदमा, बरही, हजारीबाग, कोडरमा कई मार्केट हैं. जो सेंटर के काफी करीब है. पदमा सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण केंद्र जब संचालित हो सकता है. तो मात्र 150 खिलाड़ी के लिए मार्केट पर्याप्त है.
हजारीबाग पदमा साईं सेंटर में खिलाडियों का प्रशिक्षण: केंद्रीय खेल मंत्रालय और अखिल भारतीय खेल प्राधिकरण के इस केंद्र में एथलेटिक, फुटबॉल, हॉकी, टेबुल टेनिस, लौंग टेनिस, बैटमिंटन खेलों का प्रशिक्षण होना है. पूर्वी क्षेत्र के होनहार व प्रतिभावान युवा खिलाड़ियों का चयन के बाद इसी केंद्र में प्रशिक्षण की व्यवस्था है. इस केंद्र से प्रशिक्षित होकर खिलाड़ी राज्य व राष्ट्र स्तर पर भाग लेंगे. इस केंद्र में आवासीय व्यवस्था में रहकर खिलाड़ी पढ़ाई भी करेंगे. खेल का प्रशिक्षण भी लेंगे. चयनित खिलाड़ी इस केंद्र में आने के बाद सरकारी सुविधा पर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. झारखंड के मेधावी खिलाड़ी, जो निर्धन होने के कारण प्रशिक्षण नहीं ले पाते थे. उन खिलाड़ियों के लिए यह केंद्र एक मिल का पत्थर साबित होगा.
पदमा साईं सेंटर में खिलाड़ियों की जगह जैप जवानों का कब्जा
हजारीबाग पदमा साईं सेंटर छह वर्षों में जब शुरू नहीं हुआ. एकाएक हजारीबाग मुख्यालय में जैप के जवान को आवासीय व्यवस्था में परेशानी होने लगी. खाली पडे साईं सेंटर के प्रशिक्षक आवास में जैप जवानों को रख दिया गया. 2013 से जैप के जवान इसी प्रशिक्षक भवन में रह रहे हैं. जबकि जैप जवानों के लिए पदमा साईं सेंटर चहारदीवारी के बाहर जैप जवानों का कैंप बन रहा है. जो अधूरा है. तीन वर्षों में जैप जवानों का कैंप नहीं बनने से साईं प्रशिक्षक आवास में रह रहे हैं.
पदमा साईं सेंटर शीघ्र शुरू होगा : सुशील वर्मा
रांची साईं सेंटर के प्रभारी सुशील वर्मा ने कहा कि पदमा साईं सेंटर शीघ्र शुरू होगा. झारखंड भर से खिलाड़ियों का चयन प्रक्रिया भी शुरू करनेवाले हैं. अप्रैल 2017 तक संभवत: यह केंद्र शुरू हो जायेगा. छह साल तक शुरू नहीं होने पर उन्होंने कहा कि केंद्र संचालन की प्रक्रिया चल रही थी. जैप के जवानों के क्वार्टर में रहने से पदमा साईं सेंटर में चोरी रूकी है.
जिला प्रशासन का पूरा सहयोग : डीसी
हजारीबाग डीसी रविशंकर शुक्ला ने बताया कि पदमा साईं सेंटर शुरू करने में जिला प्रशासन हर स्तर पर सहयोग करेगा. हमारी प्राथमिकता में इस केंद्र में रहेगी. यहां मेधावी खिलाड़ी प्रशिक्षित होकर देश और राज्य का नाम रोशन करें. जिला प्रशासन से हर सुविधा दी जायेगी. पदमा साईं सेंटर के सुरक्षा के संबंध में डीसी ने कहा कि हजारीबाग जिले में सबसे सुरक्षित स्थान पर यह केंद्र है. यहां सुरक्षा कोई मुद्दा नहीं है. पदमा साईं सेंटर के जीर्णोद्धार का कार्य साईं द्वारा कराया जा रहा है. यह जानकारी मुझे दी गयी है. लेकिन अाधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं है कि पदमा साईं सेंटर का उदघाटन कब होगा.
