कोडरमा : ग्रिजली बीएड काॅलेज में शिक्षा में लैंगिक असमानता दूर करने विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. मौके पर प्राचार्या डॉ संजीता कुमारी ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है. जनतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए और प्रत्येक नागरिक को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए सभी को शिक्षा के समान अवसर सुलभ कराना होगा. सामाजिक सुविधाएं, समानता, सामाजिक न्याय, प्रगतिवाद, प्रजातंत्र आदि की सफलता के लिए शिक्षा में लिंग भेद या स्त्रियों से भेदभाव नहीं करना चाहिए. स्त्रियों में अशिक्षा के कारण अनेक कुरीतियां जन्म ले रही हैं.
सीसीए प्रभारी प्रो सीएन झा ने बताया कि शिक्षा में लैंगिक असामनता तथा सामाजिक स्तर पर विभेद नहीं होना चाहिए. शिक्षा में स्त्रियों के बहुमूल्य प्रतिभाओं के विकास का अवसर उचित ढ़ंग से मिलना चाहिए. किसी समाज या राष्ट्र को सुदृढ़ और उन्नत बनाने का यहीं एक आधार है. प्रो प्रकाश पांडेय ने कहा कि स्त्रियों से असमानता करने पर समाज में वर्ग भेद, असंतुलन व अव्यवस्था पैदा होती है.
निबंध प्रतियोगिता में रूसो सदन से कुमारी अभिलाषा, सरस्वती कुमारी व पूनम देवी, विवेकानंद सदन से ममता कुमारी सिंह, लक्ष्मी कुमारी, कुमारी अनुपमा यादव, सूरज कुमार, टुनटुन कुमारी व मनीष पांडेय, राधाकृष्णन सदन से नेहा कुमारी, सोनम कुमारी, रिंकी कुमारी, संध्या कुमारी, उमापति मिश्रा व दिलीप कुमार, अरस्तू सदन से निकीता अजमानी, खुशबू शर्मा, मोनिका कुमारी, डॉली रानी, राहुल कुमार यादव, ओम प्रकाश प्रजापति व रविकांत कुमार शामिल हुए.
