कोडरमा बाजार : एससी/एसटी व अन्य कमजोर वर्ग के लोगों की स्थिति को सुधारने को लेकर चलायी जा रही इंदिरा आवास योजना पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं. खासकर योजना के क्रियान्वयन पर व इसमें हावी बिचौलियागिरी पर. नया मामला डोमचांच के सुदूरवर्ती पंचायत ढाब का सामने आया है. यहां के इंदिरा आवास के लाभुकों की मानें तो उन्हें योजना के तहत पहली किश्त 18 हजार 500 रुपये तो मिले, पर बाद में इसमें से दस-दस हजार रुपये रिश्वत के नाम पर ले लिये गये.
रिश्वत के नाम पर पैसे लेने का आरोप मुखिया सुशीला देवी व एक अन्य व्यक्ति सुरेश साव पर लगा है. शुक्रवार को उपायुक्त संजीव कुमार बेसरा के जनता दरबार में पहुंचे पंचायत के धसवा चलाहवातरी निवासी बडकु टुडु पिता स्व. प्रभु टुड्डु, बासो मुर्मु पिता स्व. सोमर मुर्मु व अर्जुन मेहता पिता पोतो बेसरा ने ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि उन्हें इंदिरा आवास बनाने के लिए 18 हजार 500 रुपये तीनों को मिले. इनमें से तीनों से दस-दस हजार बतौर रिश्वत मुखिया व सुरेश साव ने ले लिया. ऐसे में आज तक निर्माण सामग्री नहीं उपलब्ध हो पाया है और हम लोग किसी तरह रह रहे हैं.
इधर, मुखिया सुशीला देवी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे विपक्षी की साजिश बताया है. उन्होंने कहा कि योजना वर्ष 2014-15 की है. पहली किश्त मिली है और राशि की निकासी लाभुकों ने स्वयं की है. इससे लाभुकों ने निर्माण सामग्री भी गिरायी है. पानी की कमी के कारण काम शुरू नहीं हुआ है. रिश्वत के नाम पर पैसे लेने का आरोप गलत है.
